मामा, मम्मी को मत मारो…13 साल का खुशहाल पैर पकड़कर गिड़गिड़ाता रहा, और कलयुगी भाई चाकू से गोदता रहा

नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में हुए दिल दहला देने वाले दोहरे हत्याकांड (Double Murder) की गुत्थी को दिल्ली पुलिस ने महज 72 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। जिस भाई को बहन ने कुछ देर पहले बड़े चाव से चाय पिलाई और बिस्कुट खिलाए, उसी कलयुगी चचेरे भाई ने ममता और रिश्ते दोनों का कत्ल कर दिया। पुलिस ने शनिवार तड़के एक मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी सौरभ साहू को तुगलकाबाद एक्सटेंशन से गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी है। पुलिस की पूछताछ में जो खौफनाक दास्तान सामने आई है, उसने अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े कर दिए हैं।
मामा, मम्मी को मत मारो…भांजे की गुहार पर भी नहीं पसीजा दिल
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या का यह मंजर बेहद खौफनाक था। वारदात वाले दिन आरोपी सौरभ साहू अपनी चचेरी बहन शारदा साहू 38 के घर पहुंचा था। शारदा ने बिना किसी शक के दरवाजा खोला और भाई का स्वागत किया। लेकिन थोड़ी ही देर बाद जब पैसों को लेकर विवाद बढ़ा, तो सौरभ ने अपने पास छिपाकर रखा चाकू निकाल लिया और बहन शारदा पर ताबड़तोड़ वार करने लगा।
मां को लहूलुहान होते देख 13 साल का मासूम बेटा खुशहाल दौड़कर आया। उसने अपने सगे मामा सौरभ के पैर पकड़ लिए और रोते हुए चिल्लाने लगा, “मामा, प्लीज मम्मी को मत मारो…” लेकिन नशे और लालच में अंधे हो चुके आरोपी का दिल नहीं पसीजा। उसने पहले शारदा को चाकू घोंपकर निढाल कर दिया और फिर चश्मदीद बने मासूम भांजे खुशहाल पर भी बेरहमी से वार करने शुरू कर दिए। आरोपी ने मां-बेटे के शरीर पर 15 से 18 से ज्यादा बार चाकू से वार कर उनकी जान ले ली।
नशे के लिए पैसे नहीं दूंगी- इस बात पर आग बबूला हुआ आरोपी
पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि आरोपी सौरभ को अच्छी तरह पता था कि शारदा के पति विष्णु का कारोबार अच्छा चलता है और उन्होंने हाल ही में 10 लाख रुपये की दो कमेटियां उठाई हैं। आरोपी वारदात के दिन करीब पौने आठ बजे घर में घुसा था और उसने अपनी बहन से फल का व्यापार शुरू करने के बहाने 2 लाख रुपये मांगे थे।
शारदा को पता था कि उसका भाई नशेड़ी है, इसलिए उसने साफ कह दिया, “मैं तेरे नशे के लिए एक रुपया भी नहीं दूंगी।” शारदा अक्सर उसे सुधारने के लिए डांटती थी और कहती थी, “कोई काम-धंधा कर ले, वरना कोई लड़की तुझसे शादी नहीं करेगी। शादी हो जाती तो अब तक बच्चे हो जाते।” बहन के इसी ताने और पैसे देने से इनकार करने पर आरोपी आग बबूला हो गया और उसने खूनी खेल खेल डाला। वारदात को अंजाम देकर वह करीब 8 बजकर 23 मिनट पर गली नंबर 10 के रास्ते फरार हो गया था, जिसकी तस्वीरें सीसीटीवी (CCTV) में कैद हो गई थीं।

मुठभेड़ में लगी पैर में गोली, आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
सीसीटीवी फुटेज में कैद तस्वीर जब मृतका के पति विष्णु को दिखाई गई, तो उन्होंने तुरंत अपने साले सौरभ को पहचान लिया। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया। शनिवार तड़के जब पुलिस ने तुगलकाबाद एक्सटेंशन में उसे घेरा, तो उसने फायरिंग कर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी सौरभ के पैर में लगी और उसे दबोच लिया गया।
डीसीपी डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि आरोपी के पास से एक अवैध देसी पिस्तौल, जिंदा कारतूस, वारदात के समय पहने हुए खून से सने कपड़े और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ है। पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह पहले भी स्नैचिंग (छीन-झपट), चोरी और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में जेल जा चुका है।

72 घंटे में केस सुलझाने वाली विशेष टीम को शाबाशी
इस रूह कंपा देने वाले दोहरे हत्याकांड को सुलझाने के लिए दिल्ली पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। डीसीपी के निर्देशन में गोविंदपुरी थाने का प्रभार संभाल रहे अंडर ट्रेनी आईपीएस (IPS) हरनीत सिंह, एसीपी कालकाजी वीकेपीएस यादव, स्पेशल स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह डागर और नारकोटिक्स प्रभारी इंस्पेक्टर विष्णु दत्त की विशेष टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने सटीक सर्विलांस और बहादुरी के दम पर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
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