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‘मोदी जी कहेंगे तो 2 दिन में जीत लेंगे बांग्लादेश..’, बॉर्डर पर फेंसिंग को लेकर गरजे अर्जुन सिंह

सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के पास फांसीदेवा क्षेत्र में भारत–बांग्लादेश सीमा पर कंटीले तार लगाने (फेंसिंग) का कार्य आखिरकार शुरू हो गया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से सीमा सुरक्षा बल बॉर्डर (BSF) को लगभग 27 किलोमीटर जमीन हस्तांतरित की है।

यह कदम भारत–बांग्लादेश सीमा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बीएसएफ और BGB के बीच सीमा पर तनाव

फेंसिंग कार्य के दौरान भारत की सीमा से लगे क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश बॉर्डर (BGB) की ओर से आपत्ति जताए जाने की खबरें सामने आईं, जिसके बाद दोनों देशों के सुरक्षाबलों के बीच हल्का तनाव देखा गया।

कूचबिहार और बांग्लादेश के पतग्राम क्षेत्र के पास, विशेष रूप से तीन बीघा कॉरिडोर और अंतरराष्ट्रीय सीमा पिलर 812 के आसपास स्थिति अधिक संवेदनशील रही।

फ्लैग मीटिंग में क्या हुआ?

तनाव बढ़ने के बाद शनिवार को BSF और BGB के बीच फ्लैग मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में भारत की ओर से BSF के 174 बटालियन के कमांडेंट विनोद कुमार और बांग्लादेश की ओर से लेफ्टिनेंट कर्नल नाज़ियुर रहमान शामिल हुए।

बैठक में BSF ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सीमा की पैमाइश (survey/demarcation) का काम चल रहा है और उसके बाद नियमानुसार कंटीले तार लगाए जाएंगे। वहीं BGB ने 150 गज क्षेत्र में किसी भी स्थायी निर्माण को लेकर अपनी आपत्ति दोहराई।

राजनीतिक बयान से बढ़ा विवाद

इस पूरे मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। भाजपा नेता Arjun Singh ने बयान देते हुए कहा कि सीमावर्ती सुरक्षा बलों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।

उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदेश दें तो “दो दिनों में स्थिति पर नियंत्रण” संभव है। उनके इस बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

सीमा पर स्थिति और पृष्ठभूमि

रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में भारत–बांग्लादेश सीमा की लगभग 569 किलोमीटर लंबी सीमा अभी भी आंशिक रूप से खुली है। भौगोलिक परिस्थितियों के कारण लगभग 113 किलोमीटर क्षेत्र में फेंसिंग करना चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

कुछ स्थानों पर भूमि विवाद और सीमा निर्धारण से जुड़े मुद्दे भी समय-समय पर तनाव का कारण बनते रहे हैं।

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