दतिया डबल सुसाइड मिस्ट्री : प्रेमिका की मौत के 47 दिन बाद प्रेमी ने दी जान, जेब से मिली खौफनाक चिट्ठी ने पलटी पूरी कहानी

दतिया : मध्यप्रदेश के दतिया जिले से एक ऐसी सनसनीखेज और उलझी हुई दास्तान सामने आई है, जिसने प्यार, ब्लैकमेलिंग, कर्ज और मौत के कई खौफनाक पन्नों को एक साथ खोल दिया है। भांडेर थाना इलाके में एक प्रेम कहानी का ऐसा खूनी अंत हुआ है, जिसने दो हंसते-खेलते परिवारों को जिंदगी भर का कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया। पहले प्रेमिका ने मौत को गले लगाया और उसके ठीक 47 दिन बाद प्रेमी ने भी जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। लेकिन, इस डबल सुसाइड मिस्ट्री में असली ट्विस्ट तब आया जब मरने से पहले प्रेमी की जेब से एक ऐसा सुसाइड नोट मिला, जिसने पुलिस की पूरी इन्वेस्टिगेशन का रुख ही मोड़ दिया है। इस मामले में अब एक तीसरे ‘विलेन’ की एंट्री हो चुकी है।
3 अप्रैल को प्रेमिका ने लगाया था फंदा, प्रेमी पर दर्ज था केस
दिल दहला देने वाली इस कहानी की शुरुआत होती है 3 अप्रैल की रात से। भांडेर तहसील के ग्राम तिघरा खिरिया की रहने वाली 45 वर्षीय ममता दोहरे ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। मृतका ममता के परिजनों का सीधा आरोप था कि उसके भांडेर के ठाकुरास मोहल्ला निवासी मोनू सेंगर से लंबे समय से प्रेम संबंध थे। घटना वाले दिन दोनों के बीच किसी बात को लेकर भयंकर विवाद हुआ था, जिसके बाद ममता ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। महिला की मौत के बाद पुलिस ने मोनू सेंगर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) का संगीन मामला दर्ज किया था।
प्रेमी ने की दूसरी बार जान देने की कोशिश, इस बार नहीं बचा सका कोई
प्रेमिका ममता की मौत के बाद से दो बच्चों का पिता और पेशे से किसान मोनू सेंगर लगातार भारी तनाव में था। उसने ममता की मौत के ठीक दो दिन बाद यानी 5 अप्रैल को भी सल्फास खाकर जान देने की कोशिश की थी, लेकिन तब समय पर इलाज मिलने से डॉक्टरों ने उसे बचा लिया था। मगर शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे मोनू ने एक बार फिर जहरीला पदार्थ गटक लिया। जब उसकी हालत बिगड़ी, तो परिजनों ने तुरंत डायल-112 पुलिस को सूचना दी। पुलिस उसे गंभीर हालत में अस्पताल लेकर दौड़ी, लेकिन इस बार किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मैं मर्जी से नहीं मर रहा…जेब से मिले सुसाइड नोट ने उड़ाए होश
पुलिस शुरुआत में इस मामले को सिर्फ एक आशिक की खुदकुशी मानकर चल रही थी, लेकिन तभी मृतक मोनू की जेब की तलाशी के दौरान एक भावुक और सनसनीखेज खत बरामद हुआ। इस खत ने पूरी जांच को कर्ज और धोखाधड़ी के एक नए एंगल पर लाकर खड़ा कर दिया है।
मोनू ने सुसाइड नोट में लिखा: मैं अपनी मर्जी से नहीं मर रहा हूं। मुझे लोगों के पैसे देने हैं। मैंने अपनी जमीन अरविंद सिंह राजावत को बेची थी, लेकिन उसने मेरे 6 लाख रुपए नहीं दिए। मुझे लोगों का कर्ज चुकाना था, इसलिए अरविंद से पैसे न मिलने पर मैंने अपनी बीवी के सारे जेवर तक बेच दिए और कर्ज पटाया। अब मेरे पास कुछ नहीं बचा, अरविंद सिंह राजावत ने मेरे पैसे नहीं दिए। मेरी मौत का जिम्मेदार अरविंद सिंह राजावत है। अब मैं नहीं जी सकता… आपका आज्ञाकारी।
मृतका के पति का संगीन आरोप- वह मेरी पत्नी को ब्लैकमेल करता था
इस पूरे मामले में एक तरफ जहां जमीन के सौदे और लाखों रुपये की धोखाधड़ी का सुसाइड नोट सामने आया है, वहीं मृतका ममता के पति राजेंद्र सिंह ने मोनू पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। राजेंद्र सिंह का कहना है कि ममता और मोनू के बीच पहले संबंध जरूर थे, लेकिन बाद में दोनों के रिश्ते बेहद खराब हो चुके थे। राजेंद्र का आरोप है कि मोनू उनकी पत्नी को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था और उसे जान से मारने की धमकियां भी देता था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उनकी पत्नी ने फांसी लगाई थी।
पुलिस की धरपकड़ और मौत का कनेक्शन, हर एंगल की पड़ताल शुरू
इस मामले में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब सूत्रों से पता चला कि गुरुवार की रात पुलिस मोनू सेंगर को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला। और ठीक उसके अगले ही दिन यानी शुक्रवार को उसने जहर खा लिया।
भांडेर के एसडीओपी (SDOP) पीसी यादव ने मीडिया को बताया कि महिला और युवक दोनों की मौत के मामलों को आपस में जोड़कर गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अब सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की सत्यता, जमीन के सौदे के कागजात, बैंक ट्रांजैक्शन और अरविंद सिंह राजावत की भूमिका की बारीकी से पड़ताल कर रही है। फिलहाल प्रेम प्रसंग, ब्लैकमेलिंग, कर्ज का जाल और सुसाइड नोट के बीच उलझी इस मिस्ट्री को सुलझाने में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं।
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