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Chamba: शिवरात्रि के दिन भरमौर चौरासी मंदिर में विश्राम करते हैं बाबा भोलेनाथ

baba bholenath resting in bharmour chaurasi temple

भरमौर : पूरी दुनिया में यहां शिवरात्रि का जश्न चला है वहीं भरमौर मे भगवान शिव को लेकर एक किस्सा सामने आया है। ऐसी मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन ही शिवजी भगवान 6 महीनों तक सृष्टि भ्रमण के उपरांत कैलाश पर्वत यानी मणिमहेश वापस लौटते हैं। हर वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी के दिन यहां का राजपाट विष्णु भगवान को सौंपकर भोलेनाथ सृष्टि भ्रमण पर जाते हैं तथा शिवरात्रि की रात को वापस लौटते हैं।

भरमौर चौरासी मंदिर परिसर के मुख्य पुजारी लक्ष्मण दत्त शर्मा ने बताया कि ऐसी भी मान्यता है कि शिवजी भगवान रात्रि विश्राम भरमौर स्थित शिव मंदिर में करते हैं, जिनके लिए विशेष सेज शिव मंदिर के अंदर सजाई गई होती है। उन्होंने बताया कि सुबह ऐसा प्रतीत होता है कि कोई इस सेज पर सोया हो। पुजारी ने बताया कि सर्दियों के समापन के बाद हर वर्ष शिवरात्रि के दिन ही यहां रौनक लौटती है। पूरे जिला के अतिरिक्त बाहरी क्षेत्रों से भी हजारों की संख्या में शिव भक्त यहां पहुंचे हैं।

कैलाश प्रथम दर्शन स्थल खनी के फुगल महादेव मंदिर में जगराता व शिव मंदिर भरमौर में बिजली विभाग द्वारा शिव पूजन पिछले कई वर्षों से निरंतर अपने आराध्य के स्वागत में किया जाता है। इसके अतिरिक्त दुर्गेठी, खड़ामुख, लहाल, हड़सर, गैरोला व होली आदि सभी स्थानों पर शिव पूजन व भंडारों का आयोजन हर वर्ष होता है। भरमौर वासी अपने आराध्य देव के स्वागत के लिए कई दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर देते हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर चौरासी मंदिर परिसर के प्रमुख शिव मंदिर के अतिरिक्त समूचे भरमौर के शिव मंदिरों को खूब सजाया गया है।


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