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CID में तैनात सरोज यादव अपने पति अष्टभुज का असल चेहरा ही नहीं पहचान पाईं, उसने ही सुला दी मौत की नींद.

 

UP News: सीआईडी में तैनात सरोज यादव जुर्म का खुलासा करने में अपना किरदार निभाती थीं. हत्यारों को खोजती थीं, अपराधियों को पकड़ती थीं. मगर वह खुद साजिश का शिकार हो जाएगी, इसका अंदाजा शायद ही उन्हें कभी रहा हो. उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस अष्टभुज के साथ उनकी साल 2013 में शादी हुई थी, वह ही उनके खिलाफ साजिश रचेगा और उन्हें मौत की नींद सुला देगा. गोरखपुर सीआईडी में तैनात सरोज यादव के साथ जो हुआ, वह आपको हैरान करके रख देगा. 

पति अष्टभुज ने मार डाला!

गोरखपुर सीआईडी में तैनात महिला हेड कॉन्स्टेबल सरोज यादव की शादी 11 दिसंबर साल 2013 के दिन उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाही अष्टभुज से होती है. शादी के बाद दोनों के 2 बच्चे भी होते हैं. मगर 27 फरवरी साल 2025 के दिन सरोज यादव की मौत हो जाती है. पहले ये मामला सामान्य मौत का लगता है. मगर जब पुलिस विभाग अपनी महिला हेड कॉन्स्टेबल का पोस्टमॉर्टम करवाती है और उसका विसरा भी जांच के लिए भेजती है, तो हर कोई हैरान रह जाता है. विसरा रिपोर्ट में सामने आता है कि सरोज यादव क जहर दिया गया था. उसे एल्युमीनियम फॉस्फाइड देकर मारा गया था. जैसे ही ये बिसरा रिपोर्ट सामने आती है, वैसे ही सरोज का पति और सिपाही अष्टभुज गायब हो जाता है.

आरोप है कि सीआईडी में तैनात सरोज यादव की हत्या उसके पति ने ही की थी. इस मामले के सामने आने के बाद सरोज यादव के पिता हरीलाल यादव सामने आते हैं और वह अपने दामाद अष्टभुज, उसके पिता और उसकी मां के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करवाते हैं. बता दें कि तभी से गोरखपुर पुलिस अष्टभुज की तलाश कर रही थी. मगर वह भागा फिर रहा था. अब खुद अष्टभुज सामने आया है और उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है.

सरोज के पिता ने अष्टभुज को लेकर किया ये खुलासा

मृतका सरोज यादव के पिता ने अष्टभुज पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि अष्टभुज की खलीलाबाद में तैनाती थी. यहां उसकी मुलाकात एक अन्य महिला पुलिसकर्मी से हुई थी. दोनों के बीच संबंध बन गए. जब उनकी बेटी सरोज को ये पता चला और उसने पति की इस हरकत का विरोध किया तो अष्टभुज ने बेटी के साथ खूब मारपीट की. पिता का कहना है कि उसके बाद से ही अष्टभुज बेटी के साथ मारपीट करने लगा.

पिता का कहना है कि अष्टभुज ने उनकी बेटी को इसलिए मारा, जिससे की उसका अवैध संबंध जारी रह सके, बेटी के इंश्योरेंस की रकम वह हड़प सके. उसने बेटी को जहर दिया और उसे मार डाला. पिता का कहना है कि सरोज के नाम 50 लाख का टर्म लाइफ इंश्योरेंस और 41 लाख का संयुक्त लोन था. उसकी मौत के बाद अष्टभुज ने क्लेम लेने की कोशिश भी की थी.

गुमराह करने की भी कोशिश की

सरोज यादव के पिता ने बताया, 28 फरवरी की रात 1.36 बजे अष्टभुज का फोन आया था और उसने कहा था कि सरोज की तबीयत खराब हो गई है. ऐसा करके अष्टभुज ने गुमराह करने की कोशिश की थी. बेटी को जहर दिया गया था, इस बात का खुलासा अब विसरा रिपोर्ट में भी हो चुका है. फिलहाल पुलिस अष्टभुज को रिमांड में लेने की कोशिश कर रही है. पुलिस उससे पूछताछ करेगी.

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