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वायरल वीडियो: छात्रा ने बीच सड़क पर भरवाया सिंदूर, माता-पिता की परवरिश पर उठे सवाल.

  


पिछले कुछ दिनों से एक वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो में एक छात्रा खुलेआम बीच सड़क पर एक लड़के से अपनी मांग में सिंदूर भरवाती नजर आती है। जहां कुछ लोग इसे युवाओं की निजी पसंद और अधिकार मानते हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोग इसे सामाजिक मूल्यों और परंपराओं का अपमान बता रहे हैं।

माता-पिता की भूमिका पर सवाल

इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल माता-पिता की भूमिका को लेकर उठ रहा है। माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। वे उन्हें पढ़ाई-लिखाई का अवसर देने के लिए आर्थिक और सामाजिक संघर्ष झेलते हैं। लेकिन जब सामने ऐसी हरकत आती है तो समाज में उनकी इज्जत पर सवाल खड़े हो जाते हैं।

दिलीप का बयान और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिलीप नामक एक यूज़र ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि यह वही लोग हैं जो पढ़ाई के नाम पर माता-पिता से पैसे लेते हैं और फिर बाज़ार जाकर मौज-मस्ती में लगे रहते हैं। उनका कहना है कि ऐसे बच्चों को भी माता-पिता को समय रहते परखना चाहिए, वरना भविष्य में यही बच्चे अहंकार और गलत राह का शिकार बनते हैं।

समाज और शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी

इस वायरल वीडियो ने केवल परिवार ही नहीं बल्कि शिक्षा संस्थानों और समाज की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े किए हैं। स्कूल और कॉलेज बच्चों को केवल किताबों का ज्ञान ही नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देने के लिए भी जिम्मेदार होते हैं। अगर बच्चे ऐसे कदम उठा रहे हैं, तो यह कहीं न कहीं शिक्षा और संस्कारों में कमी को दर्शाता है।

बदलते दौर और नई सोच

यह भी सच है कि समाज लगातार बदल रहा है। युवाओं में रिश्तों और परंपराओं को लेकर सोच पहले से काफी अलग हो चुकी है। जहां पहले शादी और संस्कारों को परिवार की रज़ामंदी और परंपरा के साथ जोड़ा जाता था, वहीं अब युवा इसे निजी अधिकार और स्वतंत्रता से जोड़कर देखते हैं। यही वजह है कि ऐसे वायरल वीडियो तेजी से सामने आ रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय

मनोविज्ञान विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों को केवल नकारात्मक नजर से देखने के बजाय समझदारी से सुलझाने की जरूरत है। बच्चों को बचपन से ही यह सिखाया जाना चाहिए कि स्वतंत्रता का मतलब जिम्मेदारी से समझौता नहीं है।

मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म की भूमिका

इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे वीडियो पर केवल सनसनी फैलाने के बजाय एक संतुलित बहस की जरूरत है ताकि माता-पिता, समाज और युवा तीनों के लिए कोई ठोस दिशा निकल सके।

यह वायरल वीडियो केवल एक घटना नहीं बल्कि एक बड़ा सामाजिक संकेत है। यह हमें बताता है कि आज की पीढ़ी को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन और संस्कारों की भी आवश्यकता है। माता-पिता को बच्चों से संवाद बनाए रखना चाहिए और शिक्षा संस्थानों को भी इस दिशा में गंभीर प्रयास करने चाहिए।

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