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गर्लफ्रेंड की हत्या के बाद सिर चीरा, दिमाग निकालकर भूनकर खाया` नरभक्षी ने ऐसे किया कत्ल

 

गर्लफ्रेंड की हत्या के बाद सिर चीरा, दिमाग निकालकर भूनकर खाया, नरभक्षी ने ऐसे किया कत्ल


RUSSIA: रूस में 23 साल का एक युवक अपनी गर्लफ्रेंड के  घर महिला दिवस मनाने पहुंचा. फिर उसकी बेरहमी से उसकी हत्या कर दी. वह इतने पर ही नहीं रुका. उसने अपनी दोस्त के शव के टुकड़ों को तवे पर भून-भूनकर कर खा गया. यह कहानी रूस के सबसे कुख्यात साइको किलर की है, जिसे लोग नरभक्षी मानते हैं. कुछ ऐसे साइको किलर हुए हैं, जिन्हें नरभक्षी की संज्ञा दी जाती है. रूस में ऐसा ही एक शख्स है, जिसे नरभक्षी हत्यारे के रूप में जाना जाता है. उसकी कहानी इतनी डरावनी है कि रूह कांप जाए. महज 23 साल के लुचिन, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने के बहाने अपनी 45 वर्षीय गर्लफ्रेंड ओल्गा बुदुनोवा से मिलने गया था, लेकिन इस खौफनाक हत्यारे के इरादे कहीं अधिक भयावह थे. 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे क्रूर हत्यारों की सूची में, रूसी नरभक्षी दिमित्री लुचिन को इस ग्रह पर अब तक के सबसे खौफनाक व्यक्तियों में से एक के तौर पर माना जाता है. इस नरभक्षी ने अपनी साथी की हत्या कर दी थी. लुचिन, जिसे शैतान का उपासक और तांत्रिक बताया जाता है, उसने लूसिफ़र को बुलाने की उम्मीद में उसके खून से दरवाजे पर शैतानी प्रतीक बनाए.

दोनों ने साथ में शराब पी. इसके कुछ ही क्षणों बाद, लुचिन ने बोतल से ओल्गा के सिर पर वार करना शुरू कर दिया. इससे उसकी मौत हो गई. इसके बाद उसने मांस काटने वाले चाकू से उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए. आगे जो हुआ, उसने अनुभवी जासूसों को भी स्तब्ध कर दिया. उसे कठोर व्यवस्था वाली जेल में 19 साल की सजा काटनी होगी. बुदुनोवा के स्तब्ध पड़ोसियों ने कहा कि वे उसके फ्लैट के अंदर के भयावह दृश्यों को कभी नहीं भूलेंगे.

बताया जाता है कि उस साइको किलर ने बुदुनोवा के दिमाग के टुकड़ों को बड़े आराम से भूनकर खाया और फिर उसके शव से निकाले गए खून को गिलास में लेकर पी गया. उसने उसका पेट फाड़ दिया, उसके कान काट डाले, एक कान उसके मुंह में और दूसरा घर की बिल्ली के कटोरे में डाल दिया और खून और बैंगनी नेल पॉलिश से उसके शरीर पर अपशब्द लिख दिए.

लुचिन सीरियल किलरों के प्रति “दीवाना” हो गया था और हत्यारों से जुड़ी डरावनी वेबसाइटों पर घंटों बिताता था. अपने मुकदमे के दौरान, लुचिन को धातु के पिंजरे में रखा गया था. उसके अंदर से उसने एक विचित्र कविता सुनानी शुरू कर दी थी. इसमें उसने जोर देकर कहा कि वह कोई पागल, हत्यारा या नरभक्षी नहीं है, बल्कि छात्र, खिलाड़ी और कवि है. 

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