Recent Posts

Breaking News

शक्तिपीठों में 28 लाख का नकद चढ़ावा, मइया के जयकारों से गूंजे मंदिर, दूसरे नवरात्र पर मां के दर झुके 48 हजार श्रद्धालु

चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को मइया के दर्शनों के लिए प्रदेश के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मां के दर्शनों के लिए बारिश के बीच मंदिरों में श्रद्धालुओं की लाइनें लगी रहीं। दूसरे नवरात्र पर 47 हजार 700 श्रद्धालुओं ने मइया के चरणों में शीष नवाया। 

मंदिरों में दिनभर मइया के जयकारे गूंजते रहे। प्रदेश के पांच शक्तिपीठों में चिंतपूर्णी, ज्वालाजी, नयनादेवी, बज्रेश्वरी देवी, चामुंडा देवी मंदिर में 47 हजार 700 श्रद्धालुओं ने माथा टेका। चैत्र नवरात्र मेलों के दौरान मंदिरों में मइया की विशेष पूजा अर्चना की जा रही है। पहले नवरात्र पर नयनादेवी, चिंतपूर्णी, ज्वालाजी, बजे्रश्वरी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में 28 लाख एक हजार 168 रुपए का नकद चढ़ावा चढ़ाया है। 

नयनादेवी मंदिर में दूसरे नवरात्र पर 12 हजार श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाया। नयनादेवी मंदिर न्यास के अध्यक्ष एवं संयुक्त आयुक्त धर्मपाल चौधरी ने बताया कि मंदिर न्यास को पहले नवरात्र पर नौ लाख 93 हजार 375 रुपए का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ है। वहीं, चिंतपूर्णी मंदिर में नवरात्र मेले के दूसरे दिन करीब 12 हजार श्रद्धालुओं ने शीष नवाया।

चिंतपूर्णी मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि पहले नवरात्र पर मंदिर न्यास को सात लाख 84 हजार 452 रुपए चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुए हैं। ज्वालाजी मंदिर में दूसरे नवरात्र पर 15 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। ज्वालाजी मंदिर अधिकार अजय मंडयाल ने बताया कि पहले नवरात्र पर मंदिर न्यास को सात लाख 17 हजार 450 रुपए का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ है। इसके अलावा में कांगड़ा स्थित बजे्रश्वरी देवी मंदिर में शुक्रवार को छह हजार श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में माथा टेका। 

मंदिर अधिकरी शिवाली ठाकुर ने बताया कि चैत्र नवरात्र मेले के पहले दिन मंदिर न्यास को तीन लाख पांच हजार 891 रुपए का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ है। इसके अलावा चामुंडा देवी मंदिर में शुक्रवार को 2700 श्रद्धालुओं ने मईया के चरणों में शीष नवाया। मंदिर अधिकारी राकेश कुमार चैत्र नवरात्र मेले शतचंडी दुर्गा पाठ, रुद्राभिषेक, सवा लक्ष गायत्री जाप, रामायण पाठ, देवी भागवत पुराण पाठ, दुर्गा बीज मंत्र जाप, प्रतिदिन गणपति, दुर्गा, नवग्रह, कलश एवं मंडप में स्थापित देवों का पूजन किया जाएगा।

No comments