दादी के पास सोना है… बस इसी बात पर मां ने 6 साल के बेटे के पेट में घोंपा चाकू; अब कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद.

जालंधर : पंजाब के जालंधर से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। महज एक मासूम की ‘दादी के साथ सोने’ की जिद उसकी मौत का कारण बन गई। साल 2020 के इस खौफनाक हत्याकांड में अब अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी मां को उम्रकैद की सजा दी है।
दादी से प्यार करना मासूम को पड़ा भारी
यह रूह कंपा देने वाली घटना जालंधर के सोहल जगीर गांव की है। 6 साल का मासूम अर्शप्रीत सिंह अपनी दादी चरणजीत कौर के बेहद करीब था। वह अक्सर अपनी दादी के साथ रहने और उन्हीं के पास सोने की जिद करता था। दादा अवतार सिंह के अनुसार, यह बात अर्शप्रीत की मां कुलविंदर कौर को बिल्कुल पसंद नहीं थी। उसे जलन होती थी कि उसका बेटा उससे ज्यादा अपनी दादी को प्यार क्यों करता है। इसी बात को लेकर घर में अक्सर कलेश रहता था।
8 जून 2020: वो खौफनाक रात
घटना वाले दिन मासूम अर्शप्रीत हर रोज की तरह अपनी दादी के पास सोने की जिद कर रहा था। यह सुनकर मां कुलविंदर कौर आपा खो बैठी और गुस्से में आगबबूला हो गई। वह जबरन बेटे को घसीटते हुए अपने कमरे में ले गई। वहां उसने सब्जी काटने वाला चाकू उठाया और मासूम के पेट में एक के बाद एक दो वार किए। बच्चे की चीख सुनकर जब दादा-दादी कमरे की ओर भागे, तो अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बिस्तर खून से लथपथ था और मां हाथ में कसाई की तरह चाकू लिए खड़ी थी।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ दिया दम
खून से लथपथ पोते को देख दादा-दादी तुरंत उसे लेकर अस्पताल की ओर भागे, लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि मासूम अर्शप्रीत ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मां मौके से फरार हो गई थी। शाहपुर थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर कुछ समय बाद कुलविंदर कौर को गिरफ्तार कर लिया था। तब से यह मामला अदालत में विचाराधीन था।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी: समाज के लिए कड़ा संदेश
जालंधर की अदालत ने इस मामले को ‘बेहद गंभीर और संवेदनशील’ करार दिया। जज ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जिस मां पर बच्चे की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी ने उसकी जान ले ली। कोर्ट ने आरोपी मां कुलविंदर कौर को उम्रकैद की सजा सुनाई और साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे जघन्य अपराध के लिए कड़ी सजा देना जरूरी है ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।
No comments