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गोविंदपुरी डबल मर्डर : गोद दिए 11 दिन के बेटे सहित जेठानी की हत्या, मां का दर्द असहनीय

गोविंदपुरी डबल मर्डर : गोविंदपुरी के गली नंबर-10 में हुए दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला दिया। इस दर्दनाक घटना में मां मंजू देवी ने अपने 11 दिन के बेटे खुशहाल और जेठानी शारदा को खो दिया।

मां का दर्द, खोया अपना जिगर का टुकड़ा

मंजू देवी ने 11 दिन के अपने बेटे को निःसंतान जेठ-जेठानी को गोद दिया था। बृहस्पतिवार की सुबह जब उन्हें बेटे और जेठानी की खून से सनी लाशें दिखाई दीं, तो उनका दर्द और बिलखना देखते ही बनता था। मंजू बार-बार कह रही थीं, “जब 11 दिन का था, तभी सौंप दिया था… आज उसकी लाश देखनी पड़ रही है।”

शादी के 11 साल बाद भी जेठानी की सूनी गोद

शारदा और उसके पति विष्णु के शादी के कई साल बाद भी संतान नहीं थी। इसी कारण मंजू ने अपने बेटे खुशहाल को गोद दिया। मंजू के अपने दो बड़े बेटे हैं – 17 वर्षीय कृष और 15 वर्षीय अनमोल।

मंजू बताती हैं कि जब खुशहाल पेट में था, तभी जेठ व जेठानी ने गोद लेने की इच्छा जताई थी। और जब खुशहाल 11 दिन का हुआ, तो उसे जेठ-जेठानी को सौंप दिया गया।

संगम विहार में मां का बिलखना

बृहस्पतिवार को गोद दिए बेटे की लाश देखकर मंजू देवी बेहद दुखी और बिलखती रहीं। उन्होंने बताया कि पहले वे अक्सर संगम विहार से गोविंदपुरी आकर अपने बेटे को हंसता-खेलता देखती थीं, पर अब खुशहाल को कभी नहीं देख पाएंगी।

परिवार का इतिहास

एक रिश्तेदार के मुताबिक, विष्णु ने 2002 में पहली पत्नी के साथ तुगलकाबाद में रहकर जीवन शुरू किया था। कुछ साल बाद पहली पत्नी की मौत हो गई और लगभग सात वर्ष बाद विष्णु ने शारदा से दूसरी शादी की। दूसरी पत्नी को भी शादी के चार साल बाद संतान नहीं हुई। तब मंजू देवी ने अपना बेटा खुशहाल गोद में दिया।

खुशहाल ज्यादातर समय घर में ही रहता था, और शाम के समय थोड़ी देर साइकिल चलाने के लिए गली में निकलता था।

मामला सामने आने के बाद

गोविंदपुरी पुलिस इस घटना की गहन जांच कर रही है। पड़ोसियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोगों में डर और शोक का माहौल है।

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