कुख्यात सोनू-मोनू के घर रेड करने गई पुलिस को अपराधियों के परिजनों के सामने देनी पड़ी अपनी ही तलाशी, 2 पुलिस अफसर सस्पेंड

पटना/मोकामा : बिहार में कानून-व्यवस्था और पुलिस के इकबाल (वर्दी के खौफ) को तार-तार करने वाली एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। सूबे में जहां एक तरफ अपराधियों के पैर में गोली मारकर उन्हें लंगड़ा करने के लिए ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ मोकामा में छापेमारी करने गई पुलिस टीम को ही अपराधियों के परिजनों के सामने लाइन में लगकर अपनी तलाशी देनी पड़ी। इस बेहद शर्मनाक वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने और किरकिरी होने के बाद पुलिस महकमे ने कार्रवाई करते हुए कतार में खड़े दो पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।
क्या है पूरा मामला? मोकामा के नौरंगा गांव की है घटना
यह शर्मसार करने वाली तस्वीर पटना जिले के मोकामा स्थित पांच महिला थाना क्षेत्र के नौरंगा गांव की है। जानकारी के मुताबिक, बीते दिनों मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह के करीबी मुकेश कुमार पर नौरंगा गांव में जानलेवा हमला हुआ था और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गई थीं। इस हमले में मुकेश कुमार तो बाल-बाल बच गए, लेकिन घटना का सीधा आरोप इलाके के कुख्यात गैंगस्टर सोनू-मोनू गिरोह पर लगा। इसी मामले में नामजद आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की एक विशेष टीम सोनू-मोनू के पैतृक घर पर छापेमारी (रेड) करने पहुंची थी।
अपराधियों के समर्थकों ने पुलिस को लगाया लाइन में, घर में घुसने से पहले ली तलाशी
सोनू-मोनू के घर पहुंची पुलिस टीम को वहां अपराधियों के खौफ और उनके परिजनों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। अपराधियों के परिजनों और समर्थकों ने पुलिस को घर के भीतर घुसने से साफ रोक दिया। उन्होंने शर्त रख दी कि पुलिसकर्मी पहले खुद की तलाशी दें कि उनके पास कोई अवैध सामान या प्लांट करने के लिए कोई चीज तो नहीं है। इसके बाद, कानून का पालन कराने वाले पुलिसकर्मी अपराधियों के दरवाजे पर असहाय नजर आए और बाकायदा कतार (लाइन) में खड़े होकर अपराधियों के घरवालों के सामने अपनी तलाशी देने लगे।
आरोपी तो नहीं मिला, इज्जत बचाने के लिए एक पुरानी बाइक ले आई पुलिस
गैंगस्टर के घर पर इतनी बेइज्जती सहने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली ही रहे। इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी में मुख्य आरोपी सोनू पुलिस के हाथ नहीं लगा और न ही उसकी गिरफ्तारी हो सकी। पूरी टीम को वहां से खाली हाथ ही लौटना पड़ा। हालांकि, अपनी साख बचाने के लिए पुलिस टीम मौके से एक पुराने मामले में वांछित बाइक को बरामद कर अपने साथ थाने ले आई।
वीडियो वायरल होने के बाद दो अधिकारी सस्पेंड, विपक्ष ने उठाए सवाल
इस घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, बिहार प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया। ‘सुशासन’ के दावों पर सवाल उठते देख पुलिस मुख्यालय तुरंत एक्शन में आया। अपनी साख बचाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने घुटने टेकने वाले और लाइन में खड़े होकर तलाशी देने वाले दो पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
दूसरी तरफ, इस घटना को लेकर बिहार की सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दलों ने सरकार को घेरते हुए कहा है कि जब सूबे में अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ ही खत्म हो गया है और खुद पुलिस महकमा सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
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