रॉयल एनफील्ड ने रचा इतिहास! ऑडी और फेरारी को पछाड़ बनी दुनिया का तीसरा सबसे मजबूत ऑटो ब्रांड

नई दिल्ली : भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए वैश्विक स्तर से एक बेहद ही गर्व करने वाली खबर सामने आई है। देश की धड़कन और बुलेट बनाने वाली मशहूर वाहन निर्माता कंपनी रॉयल एनफील्ड (Royal Enfield) ने पूरी दुनिया के ऑटो बाजार में अपनी कामयाबी का परचम लहराया है। हाल ही में जारी हुई प्रतिष्ठित ‘ब्रांड फाइनेंस ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री 2026’ की ताजा रिपोर्ट में रॉयल एनफील्ड को दुनिया के तीसरे सबसे मजबूत ऑटोमोबाइल ब्रांड (World’s 3rd Strongest Auto Brand) का खिताब मिला है। सबसे हैरान और गर्व करने वाली बात यह है कि इस भारतीय कंपनी ने लग्जरी और स्पीड के लिए मशहूर दिग्गज विदेशी कार कंपनियों ऑडी (Audi) और फेरारी (Ferrari) को भी मजबूती के मामले में पीछे छोड़ दिया है।

फेरारी भी छूटी पीछे, रॉयल एनफील्ड को मिली टॉप ‘AAA’ रेटिंग
ब्रांड फाइनेंस की इस वैश्विक सूची में दुनिया भर के केवल दो ही दिग्गज ब्रांड टोयोटा (Toyota) और बीएमडब्ल्यू (BMW) मजबूती के पैमाने पर रॉयल एनफील्ड से आगे रहने में कामयाब हो पाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, रॉयल एनफील्ड ने अपनी बेहतरीन साख और ग्राहकों के भरोसे के दम पर 100 में से 88.6 का बेहद शानदार स्कोर हासिल किया है, जिसके चलते इसे प्रतिष्ठित ‘AAA’ ब्रांड रेटिंग से नवाजा गया है। सिर्फ इतना ही नहीं, शानदार वैश्विक बिक्री के चलते कंपनी की कुल ब्रांड वैल्यू में 30 प्रतिशत का भारी-भरकम उछाल आया है, जिसके बाद इसकी ब्रांड वैल्यू बढ़कर अब 1.2 अरब डॉलर (करीब 10,000 करोड़ रुपये से अधिक) के पार पहुंच गई है।

1901 में ब्रिटेन से शुरू हुआ सफर, अब 80 से ज्यादा देशों में बज रहा भारतीय बुलेट का डंका
रॉयल एनफील्ड दुनिया के सबसे पुराने चालू मोटरसाइकिल ब्रांड्स में शुमार है, जिसने वक्त के साथ खुद को लगातार अपग्रेड किया है। इस ब्रांड का सफर साल 1901 में ब्रिटेन से शुरू हुआ था, लेकिन बाद में इसका पूरा स्वामित्व और प्रोडक्शन पूरी तरह से भारत में शिफ्ट हो गया और यह भारतीय संस्कृति का एक अटूट हिस्सा बन गई। कभी सिर्फ क्लासिक और रेट्रो स्टाइल बाइकों के लिए पहचानी जाने वाली रॉयल एनफील्ड ने पिछले कुछ सालों में भारत से बाहर भी अपने पंख तेजी से फैलाए हैं। मौजूदा समय में कंपनी दुनिया के 80 से अधिक देशों में अपनी धाक जमा चुकी है, जहां इसके 3,200 से ज्यादा रिटेल आउटलेट्स और 7 अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय असेंबली प्लांट काम कर रहे हैं। विशेषकर यूरोप, दक्षिण अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े बाजारों में इस भारतीय ब्रांड की मांग तेजी से आसमान छू रही है।
मिड-साइज मोटरसाइकिल सेगमेंट में एकतरफा राज, इन बाइकों ने पलटी बाजी
रॉयल एनफील्ड की इस ऐतिहासिक वैश्विक सफलता के पीछे 250cc से लेकर 750cc के मिड-साइज (Mid-Size Motorcycle Category) सेगमेंट में इसकी मजबूत पकड़ और आक्रामक रणनीति है। कंपनी ने केवल पारंपरिक बुलेट के भरोसे न रहकर वैश्विक ग्राहकों की पसंद के हिसाब से आधुनिक मोटरसाइकिलें बाजार में उतारी हैं। ग्लोबल मार्केट में कंपनी की ‘हंटर 350’, क्रूजर सेगमेंट में ‘सुपर मीटियोर 650’ और ऑफ-रोडिंग के दीवानों के लिए लॉन्च की गई ‘हिमालयन 450’ को दुनिया भर के राइडर्स से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। खासकर नई हिमालयन 450 की मदद से कंपनी ने वैश्विक एडवेंचर टूरर मार्केट में बड़ी विदेशी कंपनियों के एकाधिकार को कड़ी चुनौती दी है, जिससे यह ब्रांड अब एक प्रीमियम और लाइफस्टाइल मोटरसाइकिल आइकॉन बन चुका है।
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