‘मर्डर नहीं, सुसाइड था…’ ट्विशा शर्मा केस में भोपाल पुलिस का बड़ा दावा, परिवार बोला- हमें इंसाफ चाहिए
भोपाल/नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में भोपाल पुलिस ने बड़ा दावा करते हुए इसे हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या बताया है। हालांकि ट्विशा के परिवार ने इस निष्कर्ष पर सवाल उठाते हुए पति और सास पर दहेज उत्पीड़न तथा हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर अब पुलिस और परिवार के दावों के बीच टकराव तेज हो गया है।
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बुधवार को कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अब तक मिले सबूतों के आधार पर यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि जांच में “एंटी-मॉर्टम हैंगिंग” यानी फांसी लगने से मौत की पुष्टि हुई है।
12 मई को ससुराल में मिला था शव
ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। घटना के बाद परिवार ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उन्हें दहेज के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
परिजनों का कहना है कि ट्विशा लगातार तनाव में थीं और उन्होंने कई बार परिवार को अपनी परेशानियों के बारे में बताया था। परिवार ने इस मौत को सुनियोजित हत्या करार दिया है।
पति और सास पर केस दर्ज
मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जज हैं। वहीं, ट्विशा की मौत के बाद से समर्थ सिंह के लापता होने की बात सामने आई है।
घटना के बाद ट्विशा की सास ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि ट्विशा नशे की आदी थीं और उनका परिवार उन्हें ग्लैमर इंडस्ट्री में धकेल रहा था। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने स्पष्ट कहा, “पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ड्रग्स या किसी नशीले पदार्थ के सेवन का कोई उल्लेख नहीं है। हमारी जांच में भी ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया।”
दूसरे पोस्टमार्टम की मांग पर अड़ा परिवार
ट्विशा का परिवार मामले में दूसरे पोस्टमार्टम की मांग कर रहा है। परिजनों ने अब तक शव लेने से भी इनकार कर दिया है। परिवार का आरोप है कि पहले उन्हें दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति दिए जाने की बात कही गई, लेकिन बाद में पुलिस पीछे हट गई।
इस पर भोपाल पुलिस कमिश्नर ने कहा कि दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति देना पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने कहा कि यदि परिवार दोबारा पोस्टमार्टम कराना चाहता है तो उसे अदालत का रुख करना होगा।
उन्होंने बताया कि परिवार की अर्जी केस डायरी में शामिल कर ली गई है और पुलिस को दूसरे पोस्टमार्टम पर कोई आपत्ति नहीं है।
जांच में लापरवाही का भी खुलासा
पुलिस ने यह भी स्वीकार किया है कि जिस बेल्ट से कथित तौर पर ट्विशा ने फांसी लगाई थी, वह समय पर पोस्टमार्टम टेबल तक नहीं पहुंच सकी। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए पुलिस ने अलग से जांच कराने की बात कही है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि इस चूक का मुख्य जांच पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और सभी पहलुओं की गहनता से जांच जारी है।
सवालों के घेरे में पूरा मामला
ट्विशा शर्मा की मौत ने दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है, वहीं परिवार इसे हत्या मानते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहा है।
अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच के अगले चरण पर टिकी है।

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