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वाराणसी में अंधविश्वास या हैवानियत: पड़ोसी ने डेढ़ महीने की मासूम को गोद में लेकर जमीन पर पटका, बोला- भगवान को बलि चाहिए

वाराणसी : उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र से एक ऐसी खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को तार-आर कर दिया है। यहां अकथा गांव में अंधविश्वास या मानसिक सनक के चलते एक युवक ने पड़ोस में रहने वाली मात्र डेढ़ महीने की मासूम बच्ची को पहले दुलारने के बहाने अपनी गोद में लिया और फिर अचानक उसे जमीन पर पटक दिया। इस क्रूर कृत्य को अंजाम देने के बाद आरोपी ने जो कहा, उसे सुनकर पुलिस से लेकर परिजनों तक के रोंगटे खड़े हो गए। आरोपी का दावा है कि ‘भगवान ने उससे ऐसा करने के लिए कहा है क्योंकि भगवान को बलि चाहिए।’ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और बच्ची अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है।

दुलारने के बहाने गोद में उठाया, फिर अचानक फर्श पर दो बार पटका

पुलिस और पीड़ित परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह रूह कंपा देने वाली घटना शनिवार देर रात सारनाथ थाना क्षेत्र के अकथा गांव की है। गांव निवासी राजेश वनवासी के घर में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब उनके घर के एक बुजुर्ग सदस्य की गोद में सो रही डेढ़ महीने की नवजात बच्ची पर पड़ोस में रहने वाले विकास यादव नाम के युवक की नजर पड़ी।

परिजनों के अनुसार, विकास ने बेहद सामान्य तरीके से बच्ची को खिलाने और दुलारने के लिए अपनी गोद में लेने की इच्छा जताई। चूंकि विकास पड़ोसी था और अक्सर घर आता-जाता था, इसलिए परिवार के लोगों को उस पर कोई शक नहीं हुआ और उन्होंने मासूम को उसकी गोद में सौंप दिया। लेकिन गोद में आते ही विकास के सिर पर न जाने कौन सा खून सवार हो गया। उसने पलक झपकते ही मासूम बच्ची को बेरहमी से पक्के फर्श पर पटक दिया। परिजन जब तक कुछ समझ पाते और आगे बढ़ते, उसने कुछ ही सेकंड के भीतर दोबारा बच्ची को उठाकर जमीन पर दे मारा।

‘भगवान को बलि चाहिए’ सुनकर दंग रह गए लोग; परिजनों ने आरोपी को दबोचा

इस जानलेवा और अचानक हुए हमले से घर में अफरा-तफरी और कोहराम मच गया। मां और परिवार के अन्य सदस्यों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए आरोपी विकास यादव को मौके पर ही दबोच लिया और कसकर बांध दिया। इस बीच अन्य लोग खून से लथपथ और बेसुध हो चुकी डेढ़ महीने की बच्ची को हाथों में उठाकर तुरंत नजदीकी अस्पताल की तरफ दौड़े।

ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करके वारदात की सूचना दी। सूचना मिलते ही सारनाथ थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के कब्जे से आरोपी युवक को हिरासत में लेकर थाने ले आई। जब पुलिस ने थाने में उससे इस हैवानियत की वजह पूछी, तो उसने बेहद ठंडे दिमाग से कहा कि उसे ऐसा करने का ‘दैवीय आदेश’ मिला था। उसने दावा किया कि भगवान उसके सपने में आए थे और उन्होंने कहा था कि उन्हें इस बच्ची की बलि चाहिए।

आरोपी जेल के सलाखों के पीछे; अस्पताल में मासूम की हालत स्थिर

इस बेहद संवेदनशील मामले को लेकर एसीपी (ACP) विदुष सक्सेना ने बताया कि पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर आरोपी विकास यादव के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) समेत अन्य कई गंभीर और सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।

एसीपी विदुष सक्सेना ने आगे बताया कि पुलिस पूछताछ और शुरुआती जांच में आरोपी युवक पूरी तरह से मानसिक रूप से अस्थिर, विक्षिप्त या किसी गंभीर मानसिक तनाव से ग्रसित प्रतीत हो रहा है, हालांकि उसके इस ‘बलि’ वाले दावे और मानसिक स्थिति दोनों ही पहलुओं की डॉक्टरों की टीम से गहन जांच कराई जा रही है। राहत की बात यह है कि अस्पताल में भर्ती कराई गई डेढ़ महीने की मासूम बच्ची की हालत डॉक्टरों की देखरेख में फिलहाल स्थिर बनी हुई है और उसे बाल रोग विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। इस घटना के बाद से पूरे अकथा गांव में रोष और सन्नाटा पसरा हुआ है।

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