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BJP में शामिल हो जाओ वरना माता-पिता को भुगतना पड़ेगा परिणाम’, CJP प्रमुख अभिजीत दीपके की मां के खुलासे से मचा हड़कंप

New Delhi : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की मां अनीता दीपके ने एक चौंकाने वाला और बड़ा दावा किया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। अनीता दीपके का आरोप है कि उनके बेटे को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का दबाव बनाते हुए जान से मारने और माता-पिता को मुसीबत में डालने की धमकी दी गई थी। इस सनसनीखेज धमकी के डर और सुरक्षा कारणों के चलते उन्हें अपना घर छोड़कर कोंकण क्षेत्र में रिश्तेदारों के यहां दो हफ्ते से ज्यादा समय तक छुपकर रहना पड़ा था। यह पूरा मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है।

धमकी भरा वीडियो मिलने के बाद छोड़ना पड़ा था घर

अनीता दीपके और उनके पति भगवान दीपके ने छत्रपति संभाजीनगर में एक स्थानीय मराठी न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में इन तमाम डरावने वाकयों का खुलकर जिक्र किया। अनीता ने बताया कि जब अभिजीत ने आंदोलन की शुरुआत की थी, तब उसे एक वीडियो के जरिए गंभीर धमकियां दी गई थीं। बेटे ने समझदारी दिखाते हुए पहले तो अपनी मां को वह वीडियो देखने से मना किया था, लेकिन बाद में पूरी सच्चाई सामने आ गई। वीडियो साफ तौर पर चेतावनी दी गई थी कि यदि अभिजीत ने बीजेपी ज्वॉइन नहीं की, तो उसके माता-पिता को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। परिवार की सुरक्षा को ताक पर रखकर स्थिति की नजाकत को भांपते हुए अभिजीत ने अपने माता-पिता को कुछ दिनों के लिए छत्रपति संभाजीनगर से दूर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी थी।

कोंकण के रिश्तेदार के घर बिताए 16 दिन

बेटे की जिद और लगातार मिल रही धमकियों के दबाव के आगे झुकते हुए माता-पिता ने घर छोड़ने का कड़ा फैसला किया। अनीता दीपके ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अभिजीत का सोचना था कि वह खुद तो इन धमकियों का डटकर सामना कर लेगा, लेकिन उसके माता-पिता इस तरह के तनाव के आदी नहीं हैं। इसके बाद यह पूरा दंपति कोंकण इलाके में अपने एक रिश्तेदार के घर चला गया, जहां उन्होंने पूरे 16 दिन बिताए। 

मां ने यह भी साझा किया कि उस मुश्किल वक्त में अभिजीत उनके साथ नहीं था, जिससे उसकी चिंताएं और अधिक बढ़ गई थीं, खासकर तब जब उनके पति भगवान दीपके को लो ब्लड प्रेशर की गंभीर स्वास्थ्य समस्या भी है। हालांकि, पिता भगवान दीपके ने हौसला दिखाते हुए कहा कि सामाजिक कार्यों और जनहित की लड़ाइयों में इस तरह की धमकियों और आलोचनाओं का सामना करना ही पड़ता है।

आंदोलन की सफलता के बाद घर लौटे अभिजीत दीपके

एक तरफ जहां परिवार को धमकियों के साये में दिन गुजारने पड़े, वहीं दूसरी ओर आंदोलन के अपने मुकाम पर पहुंचने के बाद CJP प्रमुख अभिजीत दीपके आखिरकार छत्रपति संभाजीनगर अपने घर लौट आए हैं। घर वापसी के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत ने बेहद खुशी जताई और कहा कि वह अपने माता-पिता से दोबारा मिलकर काफी सुकून महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब से वह भारत लौटे हैं, लगातार छात्रों के हितों में आंदोलन चल रहे थे और आखिरकार उनकी यह मेहनत रंग लाई है। अभिजीत के मुताबिक यह संघर्ष देश के तमाम छात्रों की ऐतिहासिक जीत है और अब वह अपने परिवार के बीच वापस आकर बेहद प्रसन्न हैं।

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