मोदी सरकार में इस्तीफों का इतिहास: जिस सरकार में कहा गया ‘इस्तीफे नहीं होते’, वहां कब-कब बदला चेहरा?

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में यह उन दुर्लभ घटनाओं में से एक है, जब किसी केंद्रीय मंत्री को लगातार विरोध और दबाव के बीच अपना पद छोड़ना पड़ा।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का एक पुराना बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने कहा था कि एनडीए सरकार में मंत्रियों के इस्तीफे नहीं होते। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस बयान का जिक्र करते हुए कहा, “दुनिया झुकती है, झुकाने वाला चाहिए।”
प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सवाल उठ रहा है कि मोदी सरकार में इससे पहले किन मंत्रियों ने अपने पद छोड़े और उनके इस्तीफे की वजह क्या रही।
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में इस्तीफा देने वाले प्रमुख मंत्री
1. मनोहर पर्रिकर
गोवा के मुख्यमंत्री बनने के लिए मनोहर पर्रिकर ने 13 मार्च 2017 को रक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
2. एम. वेंकैया नायडू
उपराष्ट्रपति पद के लिए नामित होने के बाद 17 जुलाई 2017 को उन्होंने आवास और शहरी मामलों के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
3. नजमा हेपतुल्ला
अगस्त 2016 में उन्होंने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री पद से इस्तीफा दिया। उस समय इसे भाजपा के उम्र संबंधी नियम से जोड़कर देखा गया था।
4. सर्वानंद सोनोवाल
2016 में असम में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद छोड़ दिया था।
5. एमजे अकबर
महिला पत्रकारों द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद एमजे अकबर ने 17 अक्टूबर 2018 को विदेश राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। यह मोदी सरकार में दबाव के चलते इस्तीफे का बड़ा मामला माना गया।
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में इस्तीफे
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल (2019-2024) में कैबिनेट फेरबदल, राजनीतिक समीकरण और अन्य कारणों से कई मंत्रियों ने अपने पद छोड़े।
1. डॉ. हर्षवर्धन
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय को लेकर उठे सवालों के बीच 2021 के कैबिनेट फेरबदल में उन्होंने पद छोड़ा।
2. रविशंकर प्रसाद
आईटी और कानून मंत्रालय से जुड़े विवादों के बीच 2021 में कैबिनेट फेरबदल के दौरान उन्होंने इस्तीफा दिया।
3. प्रकाश जावड़ेकर
कैबिनेट बदलाव के तहत उन्होंने पर्यावरण, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का पद छोड़ा।
4. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’
स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया।
5. संतोष गंगवार और बाबुल सुप्रियो
2021 के कैबिनेट फेरबदल में दोनों नेताओं को मंत्रिमंडल से बाहर किया गया।
6. हरसिमरत कौर बादल
कृषि कानूनों के विरोध में सितंबर 2020 में उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद अकाली दल ने एनडीए से दूरी बना ली थी।
7. अरविंद सावंत
महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन टूटने के बाद नवंबर 2019 में उन्होंने भारी उद्योग मंत्री पद छोड़ दिया था।
8. पशुपति कुमार पारस
लोजपा में टूट और राजनीतिक घटनाक्रम के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में इस्तीफे
9 जून 2024 से शुरू हुए मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अब तक तीन मंत्रियों के इस्तीफे सामने आए हैं।
1. रवनीत सिंह बिट्टू
उन्होंने 24 जुलाई 2026 को रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दिया। माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें पंजाब की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।
2. जॉर्ज कुरियन
उन्होंने 23 जून 2026 को मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री तथा अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री पद छोड़ा। हालांकि इस्तीफे की वजह स्पष्ट नहीं की गई।
3. धर्मेंद्र प्रधान
NEET-UG 2026 विवाद और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। प्रदर्शनकारी लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा एमजे अकबर के बाद ऐसा दूसरा मामला माना जा रहा है, जिसमें लगातार विरोध और दबाव के बीच किसी केंद्रीय मंत्री को पद छोड़ना पड़ा। उनके इस्तीफे के साथ ही मोदी सरकार में मंत्रियों के इस्तीफे को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
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