“सिर्फ 2 मिनट रुकिए मैम” कहने पर भड़कीं BJP विधायक की बेटी, मंदिर में महिला पुलिस को जड़ा थप्पड़.

मामला 12 अगस्त का है, जब भीमा अमावस्या के पावन अवसर पर मंदिर में भारी भीड़ जुटी हुई थी। इसी दौरान गर्भगृह के बाहर मची अफरा-तफरी के बीच महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) सविता बी. पाटिल (Savitha B Patil) ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ऐश्वर्या को दो मिनट रुकने के लिए कह दिया। बस फिर क्या था, एक मामूली सी बात पर दोनों के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जो देखते ही देखते हाथापाई तक पहुंच गई। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज करीब दो हफ्ते बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद देश भर में वीआईपी ट्रीटमेंट और पुलिस ड्यूटी को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। आइए जानते हैं इस दिलचस्प और हैरान कर देने वाले मामले की पूरी स्टोरी।
गर्भगृह में एंट्री को लेकर हुआ था विवाद
इस घटना की शुरुआत तब हुई जब ऐश्वर्या मंदिर के मुख्य गर्भगृह में बिना लाइन में लगे तुरंत प्रवेश करना चाहती थीं। वहां ड्यूटी पर तैनात महिला पीएसआई सविता ने भारी भीड़ का हवाला देते हुए उनसे केवल दो मिनट इंतजार करने का अनुरोध किया। लेकिन कुछ ही देर में ऐश्वर्या और पुलिस अधिकारी के बीच बहस शुरू हो गई।
आरोप है कि इस दौरान ऐश्वर्या ने अपने विधायक पिता की धौंस जमाई, ड्यूटी में बाधा डाली और पुलिसकर्मी को अपशब्द भी कहे। ऐश्वर्या का यह भी कहना था कि जब एक अन्य सर्किल इंस्पेक्टर को अंदर जाने दिया गया, तो उन्हें ही क्यों रोका जा रहा है।
वायरल वीडियो में नजर आया थप्पड़ कांड
घटना के लगभग 13 दिन बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि मंदिर परिसर के भीतर दोनों पक्षों के बीच किस तरह गहमागहमी चल रही थी। वीडियो में ऐश्वर्या फोन पर किसी से बात करती नजर आती हैं और अचानक तीखी बहस के दौरान वह पीएसआई सविता को थप्पड़ जड़ देती हैं।
इसके जवाब में महिला पुलिस अधिकारी भी तुरंत पलटवार करते हुए उन पर हाथ उठा देती हैं। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद अन्य लोगों और भक्तों ने तुरंत बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया और मामले को शांत कराया।
महिला पुलिस अधिकारी ने दर्ज कराई एफआईआर
इस पूरी घटना के बाद अपमानित महसूस कर रही पीएसआई सविता (जो मांड्या वीमेंस पुलिस स्टेशन से जुड़ी हैं) ने क्याथानाहल्ली पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि उन्होंने केवल अपनी ड्यूटी निभाई और जनता की सुरक्षा के लिए भीड़ को नियंत्रित करने को कहा था, जिसके बदले में उनके साथ मारपीट की गई और गालियां दी गईं। दूसरी ओर, यह भी आरोप सामने आए कि विधायक पक्ष की तरफ से जो जवाबी शिकायत दी गई थी, पुलिस ने उसे स्वीकार नहीं किया।
विधायक सुरेश गौड़ा ने मांगी माफी, दिया अपना पक्ष
मामला तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी विधायक बी. सुरेश गौड़ा ने इस पूरे विवाद पर मीडिया के सामने आकर माफी मांगी। हालांकि, उन्होंने अपनी बेटी का बचाव करते हुए कहा कि उनकी बेटी के साथ पुलिस अधिकारी द्वारा बदसलूकी की गई थी, जिसके बाद यह बहस शुरू हुई।
विधायक ने सफाई दी कि उनकी बेटी ने केवल सामान्य तरीके से अंदर जाने की अनुमति मांगी थी, जबकि एक अन्य अधिकारी को अंदर जाने की छूट दी गई थी। उन्होंने कहा कि चूंकि उन्होंने अभी तक पूरा वीडियो नहीं देखा है, इसलिए वे इस अप्रिय घटना के लिए अपनी ओर से खेद व्यक्त करते हैं।
इस पूरे प्रकरण ने सोशल मीडिया पर पुरानी और गंभीर बहस को हवा दे दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या देश के धार्मिक स्थलों पर वीआईपी या रसूखदार लोगों के लिए अलग से नियम होने चाहिए। फिलहाल इस वायरल वीडियो और पुलिस कार्रवाई ने सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी है और लोग इस पर जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
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