दो दोस्तों ने साजिश कर श्रेया उपाध्याय को मार डाला; हाफ एनकाउंटर के बाद पुनीत गिरफ्तार, किया खुलासा
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में श्रेया उपाध्याय की हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में सामने आया है कि आरोपी ने 22 लाख रुपये के लालच में श्रेया की हत्या कर दी थी। घटना 18 अगस्त की है।
दरअसल, रोहनिया के बच्छांव पश्चिमपुरा में किराए के मकान में 22 वर्षीय श्रेया उपाध्याय रहती थी। वह राजातालाब के मरुई की रहने वाली थी। उसके कथित प्रेमी विवेक चौबे और उसके दोस्त पुनीत मिश्रा पर हत्या का आरोप लगा। मामला सामने आने के बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। घटना में आरोपी पुनीत को एसओजी और राजातालाब पुलिस ने जक्खिनी रोड से एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है। उसके दाएं पैर में गोली लगी है।
पुनीत ने किया खुलासा
पुनीत ने गिरफ्तारी के बाद श्रेया हत्याकांड को लेकर बड़ा खुलासा किया। उसने 22 लाख रुपये के लालच में हत्या की बात स्वीकार की। पुनीत ने पुलिस को बताया कि विवेक ने उसे श्रेया की हत्या के बाद 22 लाख रुपये देने का वादा किया था। हालांकि, श्रेया की हत्या के पीछे कारण क्या था, पुनीत ने इस जानकारी से इनकार किया है। पुनीत मूल रूप से मऊ के हलधरपुर थाना क्षेत्र के मिसरौली बकुची के डाड़ीडीह अरदौना का रहने वाला है। पुनीत ने बताया कि वह रांची में था। विवेक ने उसे फोन कर श्रेया के बारे में बताया।विवेक ने श्रेया हत्याकांड में शामिल होने पर पैसे का लालच दिया। उसने कहा कि अगर वारदात में साथ देगा तो हत्या के तुरंत बाद पैसे मिल जाएंगे। इसके बाद विवेक ने साजिश के तहत पुनीत का रांची से वाराणसी के लिए रेल टिकट कराया। पुनीत वाराणसी पहुंचा। 17 अगस्त की रात ही पुनीत और विवेक बच्छांव पश्चिमपुरा के किराए के कमरे में आ गए थे। दोनों ने हत्या की फुलप्रूफ प्लानिंग कर ली थी।
पुनीत ने पुलिस को बताया कि 18 अगस्त की सुबह जैसे ही श्रेया को लेकर विवेक कमरे पर आया, वह पहले ही चाकू लेकर तैयार खड़ा था। श्रेया के कमरे के भीतर घुसते ही विवेक ने उसका पीछे से गला पकड़ लिया। इसके बाद पुनीत ने उसके पेट में चाकू मार दिया। गला कसकर पकड़े जाने से श्रेया बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके बाद उसके गले पर चाकू से वार कर मौत के घाट उतार दिया। दोनों ने श्रेया के शव खींचकर बाथरूम में रख दिया।
इंतजार करता रहा पुनीत
श्रेया की हत्या के बाद विवेक पैसा लाने की बात कहकर निकल गया। 20 मिनट तक कमरे पर पुनीत ने विवेक का इंतजार किया। वह 22 लाख रुपये की आस लगाए हुए था। इस दौरान उसने विवेक को फोन भी मिलाया। 20 मिनट बाद विवेक का फोन बंद हो गया। बाद में उसे लगने लगा कि कहीं इस मामले में वह पकड़ न लिया जाए। इसके बाद उसने अस्सी पर एक होटल में कमरा बुक किया। वहां कुछ घंटे रुका रहा। इस दौरान विवेक से संपर्क करने की कोशिश की। संपर्क नहीं हो पाने के बाद पुनीत रांची की बस पकड़ कर निकल गया।ऐसे हुआ घटना का खुलासा
एसओजी प्रभारी गौरव सिंह के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान घटनास्थल के पास एक कैब दिखी। उस कैब में पुनीत बैठता दिखाई दिया। पुलिस ने कैब का पीछा किया। कैब चालक प्रयागराज का रहने वाला है। पुनीत ने ऑनलाइन कैब बुक की थी। इस कारण उसका नंबर ड्राइवर के पास था। पुलिस ने पुनीत का नंबर हासिल करने के बाद कॉल डिटेल रिपोर्ट निकलवाई। इसमें पता चला कि पुनीत और विवेक के बीच पिछले कुछ दिनों में लगातार बातचीत हो रही थी। पुलिस का शक इसके बाद पुनीत पर गहराया।इस बीच पुनीत ने अपना सिम तोड़कर फेंक दिया। पुलिस ने उसके नजदीकी लोगों के जरिए उसका पीछा शुरू किया। सोमवार तड़के आरोपी के बाइक से वाराणसी आने की जानकारी मिली। जक्खिनी मार्ग पर जमुनीपुर तिराहे के पास चेकिंग के दौरान आरोपी दिखा। पुलिस के रोकने पर उसने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में वह जख्मी हो गया। उसके पास से एक तमंचा, एक कारतूस, एक खोखा, घटना में प्रयुक्त बाइक, एक आई-फोन बरामद किया गया। बरामद बाइक विवेक की दी हुई बताई गई है।
हत्या के कारणों पर चर्चा
श्रेया की हत्या के कारणों को लेकर चर्चा तेज है। उसकी हत्या प्रेम संबंध में हुई या पैतृक संपत्ति के लिए की गई, इस मामले से पर्दा उठना अभी बाकी है। मामले में कहा जा रहा है कि श्रेया की शादी से नाराज होकर विवेक ने हत्या की साजिश रची। इसमें पुनीत को रुपये का लालच देकर शामिल किया। हत्याकांड के पीछे की वजह संपत्ति विवाद भी हो सकती है।श्रेया अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। पिता के पास पांच बीघा महंगी जमीन है। ऐसे में किसी के श्रेया की हत्या कराने के लिए विवेक को सुपारी दिए जाने का अंदेशा भी जताया जा रहा है। इस मामले में अभी खुलासा होना बाकी है।

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