'मेरी मां का एक शुगर डैडी है', बेटे ने खोली पैरेंट्स के रिश्ते की ऐसी पोल, जो सोचने पर कर देगी मजबूर
सोशल मीडिया पर जिज्ञासा सिंह ने एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि एक काउंसलिंग सेशन के दौरान 19 साल के एक बेटे ने कहा कि उसकी मां का एक शुगर डैडी है। बच्चे की यह बात सुनकर जिज्ञासा कुछ पल के लिए हैरान रह गईं।
आखिर उसने ऐसा क्यों कहा और इसके पीछे उसकी कौन-सी भावनाएं छिपी थीं, आइए जानते हैं।
माता-पिता के रिश्ते में तनाव या उनके बीच होने वाली अनबन का असर अक्सर बच्चों की भावनाओं और व्यवहार पर भी पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में कुछ बच्चे तनाव और गुस्से से घिर जाते हैं, तो कुछ अपने मन की उलझनों को अलग तरह से व्यक्त करते हैं। ऐसा ही एक मामला हाल ही में जिज्ञासा सिंह के सामने आया। उन्होंने बताया कि काउंसलिंग सेशन के दौरान 19 साल के एक बेटे ने उनसे अपनी कहानी साझा की। उसने कहा, 'मेरी मां का एक शुगर डैडी है।' बेटे ने अपने पेरेंट्स के रिश्ते से जुड़ी ऐसी बातें बताईं, जिन्हें सुनकर कोई भी सोचने पर मजबूर हो जाएगा।'मेरी मां का एक शुगर डैडी है'

जिज्ञासा सिंह कहती हैं कि एक बार काउंसलिंग के दौरान 19 साल के एक बच्चे ने उनसे कहा, 'मेरी मां का एक शुगर डैडी है।' बच्चे की यह बात सुनकर कुछ पल के लिए उनके पास भी शब्द नहीं थे। वह बताती हैं कि काउंसलिंग के दौरान बच्चे ने अपनी कहानी साझा की।
जब मैं 14 साल का था, तब मेरे पेरेंट्स का तलाक हो गया

उसने बताया कि जब वह 6-7 साल का था, तब उसने अपने पिता को अपनी भाभी के साथ इंटीमेट होते देखा था। जब वह 14 साल का हुआ, तो उसके माता-पिता का तलाक हो गया। तलाक के बाद उसकी मां ने अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना शुरू किया। वह डेटिंग ऐप पर हैं और उनका एक शुगर डैडी भी है।
'मुझे एक्साइटमेंट महसूस होता है'

जिज्ञासा ने बच्चे से पूछा कि इन परिस्थितियों में उसे कैसा महसूस होता है। उन्हें उम्मीद थी कि वह हेल्पलेस, गुस्सा, दुख या शर्मिंदगी महसूस करने की बात करेगा। लेकिन बच्चे का जवाब बिल्कुल अलग था। उसने कहा, 'मुझे एक्साइटमेंट महसूस होता है, क्योंकि ये सब मैंने फिल्मों में देखा है और अब मेरी असल जिंदगी में हो रहा है।'
रिश्तों में उलझन देखने के बाद मान लिया इसे नॉर्मल

वह कहती हैं कि क्या यह वाकई एक्साइटमेंट है या फिर बचपन से रिश्तों में टूटन और उलझन देखने के बाद बच्चे ने इसे ही सामान्य मान लिया है और अनजाने में इसे अपना कोपिंग मैकेनिज्म बना लिया है? 19 साल के इस युवा की प्रतिक्रिया ने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर इस उत्साह के पीछे क्या छिपा है।
यहां देखें पूरा वीडियो
बेटे की फीलिंग्स को जज करना ठीक नहीं

जिज्ञासा अंत में कहती हैं, जब कोई बच्चा बेवफाई, रिश्तों के टूटने और भावनात्मक उलझनों को देखते हुए बड़ा होता है, तो क्या असामान्य चीजें धीरे-धीरे उसे सामान्य लगने लगती हैं? या उसका यह उत्साह किसी गहरी भावनात्मक प्रक्रिया की ओर इशारा कर रहा है? ऐसे में उसकी प्रतिक्रिया पर तुरंत कोई राय बनाने के बजाय, उसके पीछे की कहानी और फीलिंग्स को को समझना ज्यादा जरूरी है।

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