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‘जो कभी ज्ञान बांटते थे, वे आज हाशिए पर हैं’, पारधी समुदाय को लेकर बोले मोहन भागवत

बुलढाणा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि भारत को वास्तविक अर्थों में ‘विश्वगुरु’ बनाने के लिए समाज के उन वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है, जो लंबे समय से हाशिए पर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश तभी आगे बढ़ सकता है, जब समाज के हर वर्ग को साथ लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ा जाए।

भागवत महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के खामगांव में पारधी समुदाय के आवासीय विद्यालय में तीन खेल मैदानों के उद्घाटन के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पारधी और अन्य विमुक्त-भटके समुदायों के सामाजिक इतिहास और उनकी मौजूदा स्थिति का जिक्र किया।

‘कभी ज्ञान बांटने वाला समुदाय था’

मोहन भागवत ने कहा कि जिस समुदाय को आज विमुक्त या ‘भटके-विमुक्त’ समुदाय के रूप में जाना जाता है, वह कभी समाज में ज्ञान बांटने का काम करता था। समुदाय के लोग निस्वार्थ भाव से अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर अपना ज्ञान साझा करते थे।

उन्होंने कहा कि समय के साथ परिस्थितियां बदलीं और यही समुदाय समाज के हाशिए पर पहुंच गया। इसका असर उनके सामाजिक और आर्थिक विकास पर भी पड़ा।

ब्रिटिश शासन के दौरान ‘क्रिमिनल ट्राइब’ का दर्जा

RSS प्रमुख ने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के कारण पूरे पारधी समुदाय को ‘क्रिमिनल ट्राइब’ के रूप में चिह्नित कर दिया गया था। उनके मुताबिक, इस पहचान का समुदाय पर लंबे समय तक नकारात्मक प्रभाव पड़ा और विकास की मुख्यधारा से यह वर्ग काफी पीछे रह गया।

उन्होंने कहा कि ऐसे समुदायों को आगे बढ़ाने के लिए केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के स्तर पर भी उन्हें स्वीकार करने और साथ लेकर चलने की जरूरत है।

‘विदेशी आक्रमणों से समाज में आया बिखराव’

मोहन भागवत ने भारतीय समाज के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय समाज काफी संगठित था, लेकिन विदेशी आक्रमणों और लंबे समय तक चली गुलामी के कारण सामाजिक बिखराव बढ़ता गया।

उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप समाज में ऐसे कई वर्ग पैदा हुए, जो धीरे-धीरे मुख्यधारा से दूर होते चले गए। हालांकि, उनके अनुसार इन समुदायों ने परिस्थितियों के सामने पूरी तरह समर्पण नहीं किया और स्वतंत्रता के संघर्ष में अपनी भूमिका निभाई।

पारधी समुदाय के विकास पर RSS का जोर

भागवत ने कहा कि RSS लंबे समय से पारधी समुदाय समेत वंचित और हाशिए पर रह गए वर्गों के विकास के लिए काम कर रहा है। उन्होंने शिक्षा, खेल और सामाजिक भागीदारी के जरिए इन समुदायों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति तभी संभव है, जब विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और कोई भी समुदाय खुद को मुख्यधारा से अलग महसूस न करे।

कार्यक्रम में शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे समेत कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।

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