टॉयलेट सीट के नीचे से आ रही थी खौफनाक आवाजें, तुड़वाया पॉट तो थर-थर कांपने लगी फैमिली.
गुरुग्राम के गढ़ौली कलां गांव के एक घर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब टॉयलेट के अंदर से लगातार एक अजीब और खौफनाक फुफकार सुनाई देने लगी. घर के सदस्य टॉयलेट का दरवाजा खोलकर अंदर तो गए लेकिन उन्हें दूर-दूर तक कुछ नजर नहीं आया.
आवाज लगातार तेज होती जा रही थी और सन्नाटे को चीरती हुई यह फुफकार सीधे टॉयलेट सीट के ठीक नीचे से आ रही थी. पूरे परिवार में खौफ का माहौल कायम हो गया और किसी की भी हिम्मत उस टॉयलेट का इस्तेमाल करने की नहीं हुई.
जब तोड़ा गया टॉयलेट पॉट तो निकला नाग
अजीबोगरीब आवाजों से परेशान और डरे हुए मकान मालिक ने आखिरकार बड़ा कदम उठाने का फैसला किया. मामले की सूचना तुरंत वाइल्डलाइफ कंजर्वेटर अनिल गंडास और उनकी टीम को दी गई. मौके पर पहुंचे अनिल गंडास ने जैसे ही टॉयलेट सीट पर हल्का सा टैप किया, अंदर से आने वाली फुफकार और ज्यादा तेज व भयानक हो गई. खतरे को भांपते हुए प्लंबर और रेस्क्यू टीम की मदद से टॉयलेट सीट को हथौड़े से तोड़ना शुरू किया गया. जैसे ही सीमेंट और पॉट का ऊपरी हिस्सा टूटा, अंदर का नजारा देखकर पूरी फैमिली के होश उड़ गए. टॉयलेट सीट के नीचे मौजूद एक बेहद संकरे स्पेस में लगभग 6 फीट लंबा और बेहद जहरीला स्पेक्टैकल्ड कोबरा (नाग) कुंडली मारकर बैठा हुआ था.
कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू
6 फीट लंबे नाग को इस तरह संकरी जगह में छिपा देखकर रेस्क्यू टीम के भी पसीने छूट गए. जरा सी चूक किसी की जान पर भारी पड़ सकती थी. अनिल गंडास की टीम ने भारी सतर्कता बरतते हुए एक लंबे और कठिन ऑपरेशन के बाद उस जहरीले कोबरा को सुरक्षित तरीके से टॉयलेट सीट के मलबे से बाहर निकाला और रेस्क्यू किया. सांप के सुरक्षित बाहर निकलते ही परिवार ने राहत की सांस ली.
शहरीकरण और जंगलों की कटाई बनी मुख्य वजह
इस हैरान कर देने वाली घटना पर वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट अनिल गंडास ने बताया कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और लगातार चल रहे निर्माण कार्यों के कारण जंगल और खेत खत्म हो रहे हैं. प्राकृतिक आवास और भोजन की कमी के कारण सांप चूहे और अन्य छोटे जीवों की तलाश में इंसानी बस्तियों और घरों का रुख कर रहे हैं. उन्होंने चौंकाने वाला आंकड़ा शेयर करते हुए बताया कि अकेले अगस्त महीने में गुरुग्राम से करीब 70 सांपों का रेस्क्यू किया जा चुका है जबकि पिछले तीन महीनों में यह आंकड़ा 200 के पार पहुंच गया है.
मानसून में बरतें ये खास सावधानियां
मानसून के मौसम में सांपों के घरों में घुसने का खतरा काफी बढ़ जाता है. अनिल गंडास ने लोगों को सलाह दी है कि:
• रात के समय जमीन पर सोने से बचें और हमेशा मच्छरदानी का इस्तेमाल करें.
• घर में खाना खुला न छोड़ें, ताकि चूहे न आएं (चूहों के पीछे ही सांप घरों में प्रवेश करते हैं).
• किसी भी प्रकार के स्नेकबाइट की स्थिति में घरेलू नुस्खों या झाड़-फूंक पर वक्त बर्बाद करने के बजाय तुरंत अस्पताल जाएं और एंटी-वेनम (Anti-venom) इंजेक्शन लगवाएं.

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