'पति नपुंसक था तो तुम्हें शादी से पहले चेक करना चाहिए', बाराबंकी महिला थाने में थानाध्यक्ष पर अभद्र टिप्पणी का आरोप.
बाराबंकी: बाराबंकी में पति-पत्नी के बीच विवाद का मामला सुलझाने के लिए महिला थाने पहुंची एक महिला ने महिला थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौते की बातचीत के दौरान महिला थानाध्यक्ष रत्ना कुमारी ने उससे कथित तौर पर कहा कि "तुम्हारा पति यदि नपुंसक था तो तुम्हें शादी से पहले चेक करना चाहिए था।" महिला में एसपी को प्रार्थना पत्र देकर थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
महिला ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि थाने में उसके साथ इस तरह की टिप्पणी किए जाने से उसे मानसिक और भावनात्मक ठेस पहुंची। मामले को लेकर महिला ने पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत कर महिला थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने मामले की जांच सीओ सिटी संगम कुमार को सौंपी है।
मामला जानिए
देवा शरीफ कस्बा निवासी मोहम्मद समी की बेटी रूबीना की शादी 10 मई को लखनऊ के चिनहट निवासी मेराज पुत्र मोहम्मद उमर के साथ हुई थी। रूबीना का आरोप है कि शादी के बाद वह करीब आठ दिन ससुराल में रही, लेकिन पति ने उसके साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाए। महिला के मुताबिक, बाद में पति के नपुंसक होने की बात सामने आई। महिला का कहना है कि उसने पति पर इलाज कराने का दबाव बनाया, लेकिन पति ने शर्म की बात बताते हुए इलाज कराने से इनकार कर दिया।
दहेज का सामान हड़पने का आरोप
रूबीना ने आरोप लगाया कि इस विवाद के बीच उसकी ननद मैशरजहां, कमर जहां और किश्वर जहां के अलावा बहनोई सईद अहमद उर्फ अटाई, जेठ, जेठानी समेत अन्य ससुरालीजन उसे प्रताड़ित करने लगे। महिला ने ससुराल पक्ष पर धोखे में रख कर शादी कराने और दहेज में दिए गए जेवर और दो लाख रुपये हड़पने का भी आरोप लगाया है। उसका कहना है कि पति के नपुंसक होने की जानकारी शादी से पहले उससे छिपाई गई।
देवा थाने में शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
महिला के अनुसार, उसने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ देवा थाने में शिकायत की थी। आरोप है कि पुलिस ने इसे पारिवारिक विवाद बताते हुए कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद महिला ने मामले को सुलह-समझौते के जरिए सुलझाने की कोशिश की।
सुलह-समझौते के लिए महिला थाने भेजा गया मामला
पीड़ित महिला रूबीना ने बताया कि कई बार शिकायत के बाद उसने 9 जुलाई को सीओ सिटी संगम कुमार के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया। महिला के मुताबिक, सीओ सिटी ने मामले में कार्रवाई के लिए महिला थाने को निर्देशित किया। इसके बाद दोनों पक्षों को सुलह-समझौते के लिए 1 अगस्त को महिला थाने बुलाया गया।
महिला का आरोप है कि 1 अगस्त को महिला थाने में दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी। इसी दौरान महिला थानाध्यक्ष रत्ना कुमारी ने उससे कथित तौर पर कहा- "तुम्हारा पति यदि नपुंसक था, तो तुमको शादी से पहले चेक करना था। तुमको चेक करके ही शादी करना था कि हमारा पति नपुंसक तो नहीं है।"
महिला ने क्या कहा?
महिला ने बताया कि महिलाओं की सुनवाई के लिए एक थाने में एक जिम्मेदार अधिकारी की ओर से इस तरह की टिप्पणी से काफी मानसिक ठेस पहुंची। रूबीना ने अपनी शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान दूसरे पक्ष के लोगों को कुर्सी पर बैठाया गया, जबकि उसे खड़ा रखा गया। महिला का कहना है कि इस व्यवहार से भी उसे काफी अपमानित महसूस हुआ। महिला ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में महिला थानाध्यक्ष रत्ना कुमारी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
एसपी ने सीओ सिटी को सौंपी जांच
मामले में पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की जांच सीओ सिटी संगम कुमार को सौंपी है। फिलहाल जांच के बाद ही थानाध्यक्ष पर महिला के लगाए आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

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