फोन चार्जर बढ़ा रहा आपके शरीर की वोल्टेज, हो सकती है हाई बीपी, तनाव और नींद की दिक्कतें
हममें से ज्यादातर लोग ऐसा अमूमन करते हैं. लेकिन रोजमर्रा की यही आदत हमारे लिए कितना नुकसानदेह साबित हो सकती है, इस पर बात की है फिजियोथेरेपेस्ट डॉ. अली ईरानी ने. डॉ. अली ईरानी इंडियन क्रिकेट टीम के फिजियोथेरेपेस्ट रह चुके हैं. वर्तमान में वो नानावती मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, मुंबई में कार्यरत हैं. डॉ. ईरानी का कहना है कि बेडरूम में लगा फोन चार्जर केवल फोन चार्ज नहीं करता बल्कि ये आपकी शरीर को भी चार्ज करता है. यह चार्जिंग आपकी सेहत के लिए अच्छी नहीं.
फोन चार्जर शरीर को कैसे चार्ज करता है?
फेमस पॉकडास्टर राज शमानी को दिए एक इंटरव्यू में डॉ. अली ईरानी ने बताया है कि जब आप अपने फोन का चार्जर प्लग में लगाते हैं, तो यह आपके आसपास एक इलेक्ट्रिक फील्ड बनाता है. यह इलेक्ट्रिक फील्ड आपके शरीर को भी चार्ज करता है. इससे आपके शरीर की वोल्टेज तुरंत बढ़ जाती है. डॉक्टर ने लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिखाते हुए बताया कि जैसे ही किसी व्यक्ति के पास चार्जर प्लग किया जाता है, उसके शरीर की इलेक्ट्रिकल रीडिंग तुरंत बढ़ जाती है. यह इलेक्ट्रिकल वोल्टेज सेहत के लिए अच्छी नहीं होती.
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शरीर के चार्ज होने से क्या-क्या दिक्कतें होती हैं?
डॉ. ईरानी के मुताबिक, बढ़ी हुई वोल्टेज की वजह से शरीर हीट करता है. इससे हाई बीपी, स्ट्रेस नींद की कमी जैसी परेशानियां होती हैं. बढ़ी हुई बॉडी वोल्टेज सीधा ब्लड प्रेशर को बढ़ाती हैं. शरीर की नेचुरल इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी में गड़बड़ी होने से तनाव बेचैनी-सा महसूस होने लगता है. इसके अलावा, रात भर चार्जर के पास सोने ने गहरी नींद नहीं आती. नींद की क्वालिटी पर असर पड़ता है, जिससे शरीर को वो आराम नहीं मिल पाता जो मिलना चाहिए.
समाधान क्या है?
समाधान पर बात करते हुए डॉ. अली ईरानी ने बताया कि इन सभी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचने के लिए आप सोते वक्त फोन चार्जर को दूसरे कमरे में रख सकते हैं. अगर आपको रात में ही फोन चार्ज करना है, तो उसे बेडरूम से बाहर किसी कमरे में प्लग करें. इससे आपके शरीर पर इलेक्ट्रिक फील्ड का असर नहीं पड़ेगा आप चैन की नींद सो पाएंगे. ये छोटी-छोटी चीजें आपको हाई बीपी, स्ट्रेस नींद की कमी जैसी परेशानियों से बचा सकती हैं.
Phone Charger Side Effects on Health के FAQs
Q. कितने घंटे फोन चलाना चाहिए?
A. आई स्पेशलिस्ट्स के अनुसार, 2-3 घंटे ही फोन चलाना चाहिए. बच्चों को 2 घंटे से ज्यादा फोन नहीं चलाना चाहिए. वहीं, बुजुर्ग केवल 2 घंटे फोन चलाएंं.
Q. ज्यादा फोन चलाने से क्या होता है?
A. जरूरत से ज्यादा फोन चलाने से आंखों की रोशनी कम हो सकती है. यह मेंटल हेल्थ स्लीपिंग टाइम पर भी नकारात्मक असर कर सकता है.
Q. शरीर से कितनी दूरी पर फोन चार्ज में लगाना चाहिए?
A. शरीर से कम से कम 1 मीटर की दूरी पर फोन चार्ज में लगाना चाहिए.
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