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इंस्टाग्राम वाली 'GF' निकली जल्लाद: से*% से किया इनकार` तो तोड़ दी मूक-बधिर युवक की रीढ़ की हड्डी

 

केरल के कोच्चि शहर से मानवता को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक दिव्यांग युवक को अपनी हवस और रंजिश का मोहरा बनाकर मौत के घाट उतारने की कोशिश की गई।

कड़वंत्रा के एक होटल में साजिश के तहत बुलाए गए एक मूक-बधिर युवक को न केवल बंधक बनाया गया, बल्कि उसके साथ ऐसी बर्बरता की गई कि उसकी पसलियां तक टूट गईं। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने आपसी रंजिश को अंजाम देने के लिए इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

घटना की शुरुआत तब हुई जब ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले 30 वर्षीय अमल देव को सफाना नाम की महिला ने बातों के जाल में फंसाकर रविवार शाम होटल के एक कमरे में बुलाया। पीड़ित अमल देव, जो बोलने और सुनने में असमर्थ है, उसे अंदाजा भी नहीं था कि वह एक सोची-समझी साजिश का शिकार होने जा रहा है। पुलिस के अनुसार, जैसे ही अमल होटल पहुँचा, वहां पहले से मौजूद पांच लोगों के गिरोह ने उसे घेर लिया। आरोप है कि आरोपियों ने उसे निर्वस्त्र होने पर मजबूर किया और उसके आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किए। जब पीड़ित ने महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इनकार कर दिया, तो आरोपियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया और उन्होंने उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।

इस हिंसक हमले में अमल देव को गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी पसलियों में फ्रैक्चर है और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी गहरे घाव हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोच्चि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और मराडू निवासी सफाना, आनंद मुरुगन, जॉन राहुल और अमल वेणुगोपाल को धर दबोचा। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि यह कोई 'हनी ट्रैप' का मामला नहीं था, बल्कि इसके पीछे निजी दुश्मनी और ईर्ष्या की कहानी छिपी थी। दरअसल, अमल देव की जान-पहचान सफाना की एक सहेली से थी, जिसके जरिए वह सफाना के संपर्क में आया। जब सफाना के बॉयफ्रेंड को इन दोनों की सोशल मीडिया बातचीत का पता चला, तो उसने बदले की भावना से ओतप्रोत होकर अपने साथियों के साथ मिलकर इस हिंसक कृत्य की योजना बनाई।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें गलत तरीके से बंधक बनाना, आपराधिक धमकी और गैर-इरादतन हत्या का प्रयास शामिल है। इसके अतिरिक्त, दिव्यांगों के अधिकारों के संरक्षण के लिए 'राइट्स ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज एक्ट' की प्रासंगिक धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पकड़े गए आरोपी पहले भी कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहे हैं। एक दिव्यांग व्यक्ति के साथ हुई इस अमानवीय घटना ने शहर में सुरक्षा और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अपराधी अब किसी भी हद तक गिरने को तैयार हैं।

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