स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने पहुंचीं TMC नेत्री पर फेंके गए अंडे, BJP-ABVP पर लगे गंभीर आरोप

Kolkata : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया। कोलकाता के प्रतिष्ठित आशुतोष कॉलेज में राष्ट्रीय ध्वज फहराने पहुंची तृणमूल कांग्रेस की युवा नेत्री और टीएमसीपी अध्यक्ष उपासना चौधरी पर कुछ अज्ञात लोगों ने अचानक अंडे बरसा दिए। इस सनसनीखेज घटना के बाद कॉलेज परिसर और आसपास के इलाके में भारी तनाव फैल गया है। तृणमूल नेत्री ने इस पूरी घटना के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का हाथ होने का गंभीर आरोप लगाया है, जबकि विपक्षी दलों ने इसे जनता का स्वाभाविक आक्रोश बताया है।
कॉलेज गेट पर क्यों बढ़ा विवाद और कैसे भड़का गुस्सा?
घटना की शुरुआत तब हुई जब उपासना चौधरी अपने समर्थकों के साथ आशुतोष कॉलेज परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थीं। बताया जा रहा है कि उनके और उनके साथ आए कार्यकर्ताओं के पास कॉलेज का वैध पहचान पत्र नहीं था। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और मुख्य गेट के सामने भी भीड़ जुटाने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर पुलिस और टीएमसी नेताओं के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी हंगामे के बीच अचानक भीड़ में से किसी ने उपासना चौधरी के ऊपर अंडे फेंक दिए, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
फेसबुक लाइव कर टीएमसी नेत्री ने लगाए गंभीर आरोप
घटना के तुरंत बाद उपासना चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव आकर अपना तीखा गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज परिसर के भीतर पहले से ही कुछ बाहरी और उपद्रवी तत्व मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की मौजूदगी में उनके स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को बाधित करने और उनकी छवि खराब करने की गहरी साजिश रची गई थी। उपासना ने सीधे तौर पर भाजपा और एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस इस दौरान पूरी तरह मूकदर्शक बनी रही और हमलावरों के खिलाफ कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की।
विपक्षी दलों ने बताया जनता के आक्रोश का नतीजा
दूसरी ओर, भाजपा और एबीवीपी ने तृणमूल नेत्री के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। एबीवीपी के एक प्रतिनिधि ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उपासना चौधरी को आम जनता और छात्रों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा है। उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल की जनता तृणमूल कांग्रेस सरकार के कामकाज और भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुकी है। हाल के दिनों में राज्य में जबरन वसूली, मारपीट और अन्य आपराधिक मामलों में टीएमसी से जुड़े कई नेताओं की गिरफ्तारियां हुई हैं, जिसके चलते जनता में भारी नाराजगी है और लोग सार्वजनिक रूप से अपना विरोध जता रहे हैं।
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