पेट्रोल पंप पर ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट करने वालों के लिए बड़ा अपडेट, MDR में छूट की मांग, समीक्षा कर सकती है सरकार

अगर आप पेट्रोल पंप पर UPI से 2,000 रुपये से ज्यादा का भुगतान करते हैं, तो आपके लिए जरूरी अपडेट है. अभी तय नियमों के मुताबिक ऐसे UPI ट्रांजेक्शन पर 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर पेट्रोल पंप को 5 रुपये का MDR (Merchant Discount Rate) देना होगा.
ऐसे में पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार से इस चार्ज से पूरी छूट की मांग की है. उनका कहना है कि पेट्रोल पंप का मुनाफा पहले से तय होता है, इसलिए हर बड़े डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल होगा.
CNBC आवाज के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर और ब्यूरो चीफ लक्ष्मण रॉय के अनुसार, डीलर्स की इस मांग पर सरकार विचार कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक, वित्तीय सेवा विभाग (DFS) पेट्रोल पंपों को MDR से राहत देने की मांग की जांच कर सकता है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी डीलर्स की मांग को वित्त मंत्रालय के पास भेजा है. हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. सूत्रों के अनुसार, फैसला लेने से पहले इस मुद्दे पर उच्च स्तर पर भी चर्चा हो सकती है. फिलहाल वित्त और पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है.
पेट्रोल पंप डीलर्स क्यों चाहते हैं MDR से छूट?
ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (AIPDA) ने पेट्रोल पंपों को UPI MDR से पूरी तरह छूट देने की मांग की है. एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल ने 16 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर इस मामले में सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की थी. डीलर्स का कहना है कि पेट्रोल पंप का मार्जिन तेल कंपनियां तय करती हैं. यह मार्जिन मुख्य रूप से बेचे गए पेट्रोल या डीजल की मात्रा के आधार पर मिलता है, न कि ग्राहक ने कितने रुपये का भुगतान किया, इसके आधार पर. ऐसे में 5 रुपये का MDR चार्ज पेट्रोल पंप की कमाई पर सीधा असर डाल सकता है.
डीलर्स के मुताबिक, वे यह चार्ज ग्राहकों से अलग से नहीं ले सकते. दूसरी तरफ, अगर वे खुद MDR भरते हैं तो उनका पहले से तय मार्जिन और कम हो जाएगा. इसलिए एसोसिएशन ने पेट्रोल पंपों को प्रतिशत के हिसाब से लगने वाले MDR और तय रकम वाले चार्ज, दोनों से राहत देने की मांग की है.
15 अक्टूबर से क्या बदलने वाला है?
नए UPI MDR नियम 15 अक्टूबर से लागू होने हैं. इसके तहत 2,000 रुपये तक के UPI पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा. लेकिन 2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर MDR लागू होगा, जोकि पर्सन टू मर्चेंट पर ही होगा. सामान्य तौर पर ऐसे लेनदेन के लिए 0.4% MDR तय किया गया है. वहीं, ईंधन जैसे कुछ खास सेक्टर के लिए प्रतिशत की जगह 5 रुपये का फ्लैट MDR रखा गया है. यानी पेट्रोल पंप पर 2,000 रुपये से ज्यादा का UPI भुगतान होने पर 5 रुपये का चार्ज लग सकता है.
इसी प्रावधान को लेकर पेट्रोल पंप डीलर्स सरकार से छूट की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि पेट्रोल पंपों के लिए अलग व्यवस्था की जरूरत है, क्योंकि उनका मुनाफा सीमित और पहले से तय होता है.
कुछ राज्यों में UPI भुगतान रोकने की तैयारी
MDR चार्ज को लेकर कुछ राज्यों के पेट्रोल पंप डीलर्स ने भी विरोध जताया है. मध्य प्रदेश और पंजाब के कुछ डीलर्स ने कहा है कि अगर नियमों में बदलाव नहीं हुआ तो वे 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान स्वीकार करना बंद कर सकते हैं. मध्य प्रदेश में डीलर्स ने कहा है कि ग्राहक दूसरे डिजिटल ऑप्शन के तौर पर कार्ड से भुगतान कर सकेंगे. हालांकि, राज्य स्तर पर भी पेट्रोल पंपों को MDR से छूट देने की मांग की गई है.
फिलहाल सरकार डीलर्स की मांग की समीक्षा कर सकती है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी मांग को वित्त मंत्रालय तक पहुंचाया है. हालांकि, अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. ऐसे में इस मामले पर सरकार के अगले कदम और आधिकारिक फैसले पर सभी की नजर रहेगी.
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