अखिलेश यादव की बढ़ी मुश्किलें? 2027 चुनाव से पहले कांग्रेस ने की पहले से ज्यादा सीटों की डिमांड

सूत्रों के मुताबिक, दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे (Seat Sharing) को लेकर जल्द ही औपचारिक बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि, इस बार माना जा रहा है कि गठबंधन में कांग्रेस अपनी सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग कर सकती है। सीट की संख्या को लेकर कई दौर के आंतरिक सर्वे के बाद अब सीटों को अंतिम रूप देने पर चर्चाएं गर्म हैं।
115 से 120 सीटों पर चुनाव लड़ने का बना रही प्लान
बताया जा रहा है कि आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में 115 से 120 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। इसे लेकर कांग्रेस की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि साल 2017 के विधानसभा चुनाव में, जब सपा की सरकार थी, उस वक्त पार्टी ने गठबंधन के तहत 105 सीटों पर चुनाव लड़ा था। लेकिन 2024 के हालिया लोकसभा चुनाव के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए कांग्रेस इस बार सीटों में सम्मानजनक बढ़ोतरी चाहती है।
इस बार चुनाव में पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में कांग्रेस
इस बार के चुनाव में कांग्रेस का मानना है कि पार्टी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में है। प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि 2017 में जब 105 सीटों पर चुनाव लड़ा गया था, तब राज्य में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। उस समय लोकसभा में कांग्रेस के पास पूरे देश में सिर्फ 44 सीटें थीं, जिनमें से यूपी से महज 2 सांसद थे। लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। कांग्रेस के पास अब लोकसभा में 99 सांसद हैं, जिनमें से 6 सांसद अकेले यूपी से जीतकर आए हैं।
इसके अलावा पार्टी नेताओं का यह भी कहना है कि समाजवादी पार्टी पिछले 10 सालों से यूपी की सत्ता से बाहर है। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की राजनीतिक छवि काफी मजबूत हुई है। ऐसे में कांग्रेस के साथ मजबूती से चुनाव मैदान में उतरने पर मुस्लिम, दलित और गैर-यादव ओबीसी मतदाता सीधे गठबंधन से जुड़ेंगे। इसीलिए पार्टी का मानना है कि 2017 के मुकाबले 2027 के चुनाव में उन्हें ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए।
राहुल गांधी के मुद्दों से मिल सकता है चुनावी फायदा
पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को 62 में से मिली 37 सीटों की बड़ी जीत में इस गठबंधन की बेहद अहम भूमिका रही। राहुल गांधी द्वारा ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान संविधान का मुद्दा प्रमुखता से उठाने का सीधा फायदा चुनाव में देखने को मिला। इसके अलावा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी लगातार पेपर लीक के शिकार छात्रों और पुलिस कार्रवाई से परेशान युवाओं की आवाज बनकर उनके साथ खड़े रहे हैं।
कांग्रेस रणनीतिकारों को भरोसा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी सपा-कांग्रेस गठबंधन को इस जनसमर्थन का पूरा लाभ मिलेगा। इसी आधार पर कांग्रेस सपा से 2017 के मुकाबले 10 से 15 सीटें अधिक मिलने की उम्मीद कर रही है।
2024 से बेहतर होगा 2027 में प्रदर्शन: अखिलेश यादव
दूसरी ओर, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मंगलवार को अपने चुनावी अभियान का औपचारिक आगाज कर दिया। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए आह्वान किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सभी को एकजुट होकर 2024 के लोकसभा चुनाव से भी बेहतर और ऐतिहासिक प्रदर्शन करना है। अखिलेश ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता ने इस बार राज्य में सपा की सरकार बनाने का मन बना लिया है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत दी कि वे यह सुनिश्चित करें कि समाजवादी विचारधारा का समर्थन करने वाला एक भी वोट कम न होने पाए और न ही कोई वोट सूची से छूटे। इसके साथ ही उन्होंने सत्ताधारी पार्टी (भाजपा) की कथित साजिशों से सावधान रहने को कहा और कहा कि इस बार किसी भी तरह का धोखा नहीं होना चाहिए।
अखिलेश यादव ने चुनावी वादों की घोषणा करते हुए कहा कि सपा की सरकार बनने पर गरीबों का मुफ्त इलाज किया जाएगा, जिसके लिए किसी तरह के विशेष कार्ड की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा गरीबों की सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा और खेल समेत हर क्षेत्र में व्यापक सुधार करेगी। उन्होंने आगे कहा कि राज्य में एक नई खेल नीति बनाई जाएगी और खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष कोष का गठन होगा। साथ ही किसानों की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी और किसानों व बुनकरों के हित में ऐतिहासिक फैसले लिए जाएंगे।
No comments