कुएं में डूबने से 4 सगे मासूम भाइयों की मौत, सबसे बड़ा 9 साल का...सबसे छोटा 4 साल का, मां-बाप पर टूटा कहर..
अशोकनगर जिले में चंदेरी के ग्राम विक्रमपुर से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है. सोमवार को गांव में कलेजा चीर देने वाली घटना घटी. खेत के पास बने एक गहरे गड्ढानुमा कुएं में डूबने से चार सगे मासूम भाइयों की मौत हो गई. इस दुखद हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है और परिवार का हंसता-खेलता संसार उजाड़ गया है.
पिता काम पर गए थे, मां बिहार में थीं
यह हादसा उस समय हुआ जब चारों बच्चे घर पर अकेले खेल रहे थे. बच्चों के पिता बलवीर सिंह कुशवाह रोज की तरह सुबह नौ बजे मजदूरी और खेत के काम पर गए थे. बच्चों की मां घटना के वक्त एक रिश्तेदारी के काम से बिहार गई हुई थीं. घर पर चारों भाई अकेले खेल रहे थे. खेलते-खेलते मासूम बच्चे घर के पास बने कुएं के पास चले गए. यह कुआं लगभग पांच फीट गहरा था और पानी से भरा हुआ था.
ताऊ ने सबसे पहले देखा शव
दोपहर के लगभग दो बजे बच्चों के ताऊ सोमसिंह वहां से गुजर रहे थे. तभी उनकी नजर पानी की सतह पर तैरते हुए सबसे छोटे बच्चे प्रियांश पर पड़ी. किसी अनहोनी की आशंका से वे कांप उठे. उन्होंने तुरंत शोर मचाया और तलाश शुरू की. जब कुएं के भीतर खोजबीन की गई तो छोटे प्रियांश के साथ-साथ देव, त्रिदेव और महादेव के भी बेजान शरीर मिले.
सबसे बड़ा 9 साल का था
कुएं में डूबने वाले चारों मासूम बलवीर सिंह कुशवाह के बेटे थे. मृतकों में सबसे बड़े बेटे देव की उम्र 9 वर्ष, दूसरे बेटे त्रिदेव की उम्र 7 वर्ष, तीसरे बेटे महादेव की उम्र 6 वर्ष और सबसे छोटे बेटे प्रियांश की उम्र 4 वर्ष थी. एक ही झटके में चार मासूमों की मौत से मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है.
हादसे की सूचना मिलते ही पिता बलवीर कुशवाह सीधे मौके पर पहुंचे. एक साथ चार बेटों की मौत की खबर से गांव में कोहराम मच गया. सूचना मिलते ही चंदेरी थाना प्रभारी प्रशांत यादव पुलिस बल के साथ और तहसीलदार दिलीप दरोगा तुरंत मौके पर पहुंचे. प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद चारों मासूमों के शवों को चंदेरी सिविल अस्पताल लाया गया. वहां डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किए जाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए.
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