एलपीजी ग्राहकों की बल्ले-बल्ले! सिलेंडर की कीमतों में सीधे 600 रुपये तक की भारी कटौती

एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर उत्तर प्रदेश के कुछ ग्रामीण इलाकों से एक बेहद हैरान करने वाली और दिलचस्प खबर सामने आ रही है। यहां 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर उसकी आधिकारिक कीमत से करीब 200 से 600 रुपये तक कम दाम में बेचा जा रहा है।
क्या सरकार या कंपनियों ने घटाए दाम?
सबसे खास बात यह है कि इस राहत के पीछे न तो सरकार का कोई हाथ है और न ही सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों में इतनी बड़ी कटौती की घोषणा की है। यह पूरी तरह से स्थानीय स्तर पर चल रहा खेल है, जहां कुछ गैस एजेंसियां और वितरक खुद ही अपनी तरफ से कम कीमत पर सिलेंडर बेच रहे हैं।
कुशीनगर में मिल रहा है भारी डिस्काउंट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अनोखा नजारा खासतौर पर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है। कुशीनगर में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का सरकारी भाव लगभग 2,946 रुपये है, लेकिन कुछ जगहों पर यही सिलेंडर महज 2,400 से 2,700 रुपये के बीच ग्राहकों को थमाया जा रहा है। यानी सीधे तौर पर ग्राहकों को 200 से 600 रुपये तक का तगड़ा फायदा मिल रहा है।
क्यों अचानक कम हुए दाम?
इस भारी-भरकम अंतर के पीछे की मुख्य वजह कमर्शियल सिलेंडर की स्थानीय मांग में कमी और एजेंसियों पर पुराना स्टॉक खाली करने का तगड़ा दबाव बताया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की खपत शहरों के मुकाबले काफी कम होती है। कई छोटे दुकानदार और कारोबारी अन्य विकल्पों का इस्तेमाल करते हैं, जिसकी वजह से एजेंसियों के गोदामों में स्टॉक जमा होने लगता है।
एक एजेंसी संचालक ने इस बारे में खुलकर बताया कि सप्लाई गाड़ियों में कमर्शियल सिलेंडर आते रहते हैं, और अगली सप्लाई पाने के लिए पुराने खाली सिलेंडरों को वापस भेजना बहुत जरूरी होता है। मांग कम होने के कारण एजेंसियों को स्टॉक निकालने के लिए मजबूरन दाम घटाने पड़ रहे हैं। इसके अलावा, स्थानीय वितरकों के बीच ग्राहकों को अपनी तरफ खींचने की होड़ ने इस ‘प्राइस वॉर’ को और ज्यादा हवा दे दी है।
घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर क्या है स्थिति?
यहाँ यह साफ करना बेहद जरूरी है कि यह छूट देश के किसी भी हिस्से में घरेलू यानी 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर पर लागू नहीं हुई है। 24 सितंबर को देश के प्रमुख शहरों में घरेलू गैस की कीमतों में कोई राहत नहीं मिली है। राजधानी दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत अभी भी 942 रुपये पर बनी हुई है।
उल्टे, सितंबर महीने की शुरुआत में ही सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के सरकारी दामों में करीब 9.50 रुपये तक की बढ़ोतरी की थी। इसलिए इसे सरकार की तरफ से किसी देशव्यापी मूल्य कटौती समझने की भूल बिल्कुल न करें। यह सिर्फ कुछ चुनिंदा इलाकों में लोकल एजेंसियों का आपसी खेल है।
कारोबार पर असर और जरूरी चेतावनी
स्थानीय स्तर पर चल रही इस उठापटक से छोटे वितरकों के व्यापार और उनके मुनाफे पर बुरा असर पड़ रहा है। इसके साथ ही, स्थानीय बाजारों में कमर्शियल सिलेंडरों की मांग घटने को घरेलू सिलेंडरों के कमर्शियल इस्तेमाल और अवैध रीफिलिंग जैसी अवैध गतिविधियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
इसलिए, अगर आपके पास भी सोशल मीडिया के जरिए यह मैसेज पहुंच रहा है कि ‘एलपीजी सिलेंडर 600 रुपये सस्ता हो गया है’, तो इसे देश के आम घरेलू गैस ग्राहकों के लिए लागू नई कीमत न समझें। फिलहाल यह मामला सिर्फ कुछ ग्रामीण इलाकों तक सीमित है, जो 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की स्थानीय बिक्री और एजेंसियों की आपसी प्रतिस्पर्धा का नतीजा है।
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