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8th Pay Commission: सैलरी तो खूब बढ़ी, पर 36 सालों से CGEGIS में नहीं हुई एक पैसे की बढ़ोतरी, क्‍या इस बार होगा इजाफा?.

 

8th Pay Commission: सैलरी तो खूब बढ़ी, पर 36 सालों से CGEGIS में नहीं हुई एक पैसे की बढ़ोतरी, क्‍या इस बार होगा इजाफा?


ई दिल्‍ली. केंद्रीय कर्मचारियों को अब आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है. बेसिक सैलरी, डीए और फिटमेंट फैक्‍टर की चर्चा हर ऑफिस में है. सैलरी कितनी बढ़ेगी, डीए का क्‍या होगा आदि पर खूब चर्चा और बहस हो रही है.


सरकारी कर्मचारियों के मूल वेतन, भत्तों और पेंशन में बीते 36 वर्षों के दौरान खूब बदलाव हो चुका है. चौथे वेतन आयोग से लेकर सातवें वेतन आयोग तक न जाने कितने पे-स्केल बदले और डीए में इजाफा हुआ, लेकिन एक बेहद अहम योजना ऐसी है जिसे सरकार मानो 1990 में शुरू करके ही भूल गई. हम बात कर रहे हैं केंद्रीय सरकारी कर्मचारी समूह बीमा योजना (CGEGIS) की. इसके तहत मिलने वाला बीमा कवर आज 2026 में भी 1980 के दशक की पुरानी दरों पर ही अटका हुआ है. अभी ग्रुप C कर्मचारी के निधन पर केवल ₹1.50 लाख कवर ही मिलता है.

केंद्रीय सरकारी कर्मचारी समूह बीमा योजना (CGEGIS) सरकार द्वारा शुरू की गई एक दोहरे लाभ (Twin-Benefit) वाली योजना है. इसका पहला उद्देश्य सेवाकाल के दौरान किसी कर्मचारी की असामयिक मृत्यु होने पर उसके आश्रित परिवार को एकमुश्त बीमा राशि (Insurance Cover) प्रदान करना है. इसका दूसरा पहलू बचत का है. यदि कर्मचारी बिना किसी अप्रिय घटना के अपनी पूरी सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त होता है, तो उसके वेतन से हर महीने कटे अंशदान का एक बड़ा हिस्सा ब्याज सहित मैच्योरिटी पर एकमुश्त वापस लौटा दिया जाता है.

अब उठी CGEGIS बढ़ाने की मांग?

कर्मचारी संगठनों ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) से इस बार सीजीईजीआईएस में बढोतरी करने की मांग रखी है. फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशंस (FNPO) ने का है कि 1980 के दशक की स्लैब को तुरंत बदला जाए. मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन (MSA), सर्वे ऑफ इंडिया ने भी आयोग को दिए ज्ञापन में कहा है कि मौजूदा कवर इतना कम है कि किसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की स्थिति में परिवार को कोई सार्थक वित्तीय सुरक्षा नहीं मिल पाती. इसके अलावा नेशनल काउंसिल (JCM) स्टाफ साइड और रेलवे सीनियर सिटीजंस वेलफेयर सोसाइटी (RSCWS) ने भी इस योजना में आमूलचूल परिवर्तन की मांग रखी है.

CGEGIS में कितनी वृद्धि चाहते हैं कर्मचारी संगठन?

कर्मचारी संगठनों ने वर्तमान महंगाई और वेतन स्तर को देखते हुए व्यापक फेरबदल का प्रस्ताव दिया है. एफएनपीओ ने मांग रखी है कि ग्रुप C कर्मचारियों के लिए मासिक अंशदान ₹1,000 करके बीमा कवर सीधे ₹1 करोड़ किया जाए. इसी तरह ग्रुप B कर्मचारियों के लिए ₹1,500 प्रति माह पर ₹1.50 करोड़ और ग्रुप A कर्मचारियों के लिए ₹3,000 मासिक योगदान पर ₹3 करोड़ का बीमा कवर तय हो. कुछ कर्मचारी संगठनों का सुझाव है कि बीमा और बचत के मौजूदा 30:70 के अनुपात को बदलकर 70:30 किया जाए, ताकि बीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले. महंगाई भत्ता (DA) 50 फीसदी से ऊपर जाने पर बीमा राशि में अपने आप ही 25 फीसदी का इजाफा होना चाहिए.

CGEGIS में बढ़ोतरी से क्‍या फायदा होगा?

वर्तमान में ग्रुप C कर्मचारी के निधन पर मिलने वाला मात्र ₹1.50 लाख का कवर आज के समय में कुछ महीनों के बुनियादी घरेलू खर्च या बच्चों की पढ़ाई के लिए भी नाकाफी साबित होता है. यदि यह कवर बढता है तो किसी भी अनहोनी की स्थिति में परिवार को आर्थिक संकट या कर्ज के जाल में नहीं फंसना पड़ेगा. वहीं, अंशदान और बचत पुनर्गठन से सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारियों को एक बड़ी और सम्मानजनक एकमुश्त फंड भी मिलेगा.

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