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क्या अब AI का प्रलय आने वाला है? इंसानों के लिए बन सकता काल, बज गई खतरे की घंटी

क्या अब AI का प्रलय आने वाला है? इंसानों के लिए बन सकता काल, बज गई खतरे की घंटी

नई दिल्ली। कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की दुनिया से एक बेहद डरावनी और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। ओपनएआई और एंथ्रोपिक संस्थानों में पिछले तीन वर्षों से रिसर्च कर रहे युवा रिसर्चर जैकब काक्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।


उनका यह कदम किसी सामान्य नौकरी छोड़ने जैसा नहीं है, बल्कि तकनीक की दुनिया में चल रही अंधी दौड़ के खिलाफ एक गंभीर चेतावनी है।

काक्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर पोस्ट कर आरोप लगाया है कि ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी अग्रणी टेक कंपनियां बिना किसी पुख्ता सुरक्षा उपायों के सुपरइंटेलिजेंस की ओर तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ये कंपनियां हमारी और पूरी मानवता की जिंदगी के साथ खतरनाक जुआ खेल रही हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जैकब काक्सन का कहना है कि जो लोग इन शक्तिशाली प्रणालियों का निर्माण कर रहे हैं, वे निजी बातचीत में इस बात को लेकर गहरी आशंका जताते हैं कि अनियंत्रित एआई इस दशक के अंत तक इंसानों के लिए काल बन सकती है।

काक्सन ने बताया कि ओपनएआइ के भीतर कई लोग इस सभ्यतागत खतरे की गंभीरता को गहराई से समझ नहीं पा रहे हैं, जबकि एंथ्रोपिक में जोखिम का अंदाजा तो है, लेकिन वे सबसे आगे रहने की अंधी होड़ में शामिल हैं। उनका मानना है कि यदि वे इसे नहीं बनाएंगे, तो कोई और बनाएगा। काक्सन ने यह भी कहा कि इस सेक्टर में काम करने वाले कई लोगों का पक्का मानना है कि दशक के अंत तक एआइ बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है।

प्रेट्र के अनुसार, इस इस्तीफे और सनसनीखेज खुलासे के बाद एंथ्रोपिक के ही एलाइनमेंट साइंस लीड इवान हुबिंगर ने जैकब काक्सन के दावों का समर्थन किया है। हुबिंगर ने स्वीकार किया कि रिसर्चर वास्तव में यह मानते हैं कि एआई सभी इंसानों की मौत का कारण बन सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि अगले एक दशक के भीतर ऐसा होने की संभावना 10 प्रतिशत से अधिक है।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हालांकि वर्तमान माडल से जोखिम कम है, लेकिन जैसे-जैसे 'रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट' यानी स्व-सुधार की प्रक्रिया तेज होगी, खतरा भयावह रूप ले लेगा। एंथ्रोपिक जैसी शीर्ष कंपनियों के अंदरूनी सूत्रों का यह तल्ख सच इस बात का सबूत है कि तकनीक की यह अंधाधुंध दौड़ मानवता के लिए एक गंभीर और अनदेखा संकट तैयार कर रही है।

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