हर महीने कहां जाता है आपका पैसा, मामूली सेटिंग से यूपीआई ऐप ही बता देगा हिसाब-किताब

नई दिल्ली. नौकरीपेशा और मिडिल क्लास परिवार को हर महीने एक ही सवाल सबसे ज्यादा परेशान करता है कि उनका सारा पैसा आखिर गया कहां. आप कैश में खर्च करते हैं या फिर ऑनलाइन भुगतान करते हैं.
महीनेभर आपका पैसा धीरे-धीरे खर्च होता रहता है और आपको पता भी नहीं चलता कि कब खाता खाली हो गया. महीने के आखिर में ज्यादातर लोगों की कड़की ही लगी रहती है. अगर आप भी इसी समस्या से परेशान हैं तो इसका समाधान बाहर नहीं, बल्कि आपके यूपीआई ऐप में ही छुपा हुआ है. बस आपको एक सेटिंग करनी है और महीनेभर के खर्च का सारा कैलकुलेशन सामने आ जाएगा.
दरअसल, हर महीने सुबह का नाश्ता, बाजार से सब्जियां, पेट्रोल, स्कूल फीस, बिजली का बिल, मोबाइल रिचार्ज या कभी-कभार किया गया फूड ऑर्डर धीरे-धीरे आपके पैसे को खत्म करता जाता है. इन चीजों का पेमेंट करते समय तो रकम छोटी लगती है, लेकिन महीने के आखिर तक ज्यादातर शहरों में रहने वालों का एक ही सवाल होता है कि आखिर पैसा गया कहां? उन लोगों के लिए यह समस्या और बढ़ जाती है जो एक से ज्यादा बैंक अकाउंट इस्तेमाल करते हैं. किसी के पास एक सैलरी अकाउंट है, दूसरा सेविंग्स के लिए और तीसरा खर्चे के लिए तो उनके लिए इन सभी खातों को मैनेज करना मुश्किल हो जाता है, लेकिन अब आपके यूपीआई ऐप में ऐसे फीचर आ गए हैं जो आपके पैसों और खर्चों का सारा लेखाजोखा रखते हैं.
कैसे मिलेगी खर्च और बैलेंस की जानकारी
अगर आप भी Paytm जैसे यूपीआई ऐप का इस्तेमाल करते हैं तो इसका Balance & History सेक्शन इन सभी जानकारियों को एक जगह लाता है. यहां आपको Total Balance View linked Bank Accounts के जरिये बैलेंस की जानकारी मिल जाती है. आपके हर अकाउंट को UPI PIN के जरिये वेरिफाई करने के बाद ऐप सभी बैलेंस को जोड़कर स्क्रीन के ऊपर कुल रकम दिखाता है. इससे कई बैंकिंग ऐप खोलने या अलग-अलग बैलेंस को जोड़कर देखने की झंझट खत्म हो जाती है.
खर्च और बैलेंस की मिलेगी जानकारी
आपके खाते में कितना पैसा बचा, इसकी जानकारी लेने से ज्यादा जरूरी यह जानना है कि आपका पैसा खर्च कहां हुआ है. इसके लिए आप Paytm Spend Summary Payments को ग्रॉसरी, शॉपिंग, ट्रैवल, बिल्स और यूटिलिटी जैसी कैटेगरी में बांट सकते हैं. इससे महीने के आखिर में आप यह देख सकते हैं कि खाने और कैब पर कितना पैसा खर्च हुआ. आपको ग्रॉसरी, स्कूल फीस और बिजली बिल के खर्चे भी अलग-अलग दिखाई देंगे और डायरी में हिसाब लिखने की जरूरत खत्म हो जाएगी.
बनी रहेगी आपकी प्राइवेसी
अगर आप अपने भुगतान और खर्चों को सीक्रेट रखना चाहते हैं तो इसे अलग सेक्शन में रखकर बाद में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिये देख सकते हैं. ऐप की इस सर्विस के जरिये उपभोक्ता यह जान सकते हैं कि उनका पैसा आखिर जा कहां रहा है. इन सभी स्टेटमेंट को आप पीडीएफ के रूप में डाउनलोड करके रिकॉर्ड में भी रख सकते हैं. बाद में इसका इस्तेमाल आईटीआर भरते समय टैक्स छूट के क्लेम में भी किया जा सकता है.
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