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“मैंने सिर फोड़ा, फिर भी जेल नहीं गया!” कौन है स्वतंत्र भारद्वाज? जिसका मंत्रियों से कनेक्शन सुन उड़े सबके होश..

 

सोशल मीडिया पर इन दिनों स्वतंत्र भारद्वाज का नाम तेजी से चर्चा में है, जो खुद को एक कट्टर हिंदू बताते हैं। उनका एक वीडियो इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वह दावा करते नजर आ रहे हैं कि सीजेपी (CJP) प्रोटेस्ट के दौरान उन्होंने एक व्यक्ति का सिर फोड़ दिया था, लेकिन इसके बावजूद उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, स्वतंत्र भारद्वाज ने यह भी कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री के मंत्री कपिल मिश्रा और बिहार के मंत्री चिराग पासवान उनके बड़े भाई जैसे हैं। उनके इस विवादास्पद बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में बड़ा भूचाल आ गया है।

कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाज?

स्वतंत्र भारद्वाज अक्सर अपने तीखे बयानों, विभिन्न आंदोलनों और आरक्षण सुधार अभियानों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं। मूल रूप से वह बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले हैं। बताया जाता है कि स्वतंत्र शुरुआत में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी करने के इरादे से बिहार से दिल्ली आए थे। लेकिन धीरे-धीरे वे दिल्ली में हिंदूवादी आंदोलनों में सक्रिय होते चले गए और खुद को कट्टर हिंदू के रूप में स्थापित कर लिया। हाल ही में एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपनी जिंदगी, निजी विचारों, किसान आंदोलन, आरक्षण, जातिगत जनगणना और अपने राजनीतिक भविष्य पर खुलकर बात की। इसी इंटरव्यू का एक हिस्सा अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।

क्या है यह पूरा विवादित मामला?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रोटेस्ट के दौरान निशु आजाद नाम की युवती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर एक वीडियो शेयर किया था। निशु ने गंभीर आरोप लगाया था कि स्वतंत्र भारद्वाज ने उनके पिता पर हमला करके उनका सिर फोड़ दिया था। निशु का कहना है कि इस मामले में पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मेडिकल जांच के नाम पर मामले को लटका रही है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

दूसरी तरफ, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक अन्य वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज खुद कथित तौर पर निशु आजाद के पिता का सिर फोड़ने की बात स्वीकार करते दिख रहे हैं। वीडियो में वे बेबाक अंदाज में कहते नजर आते हैं, “निशु के पिता का सिर हमने फोड़ा था। आपको पता है कि इसमें कौन सी धारा लगती है- 307! सिर पर सात टांके लगे थे और बंदा एम्बुलेंस में जा रहा था। लेकिन स्वतंत्र अगले ही दिन बाहर था, हम तो जेल भी नहीं गए। पूरी दुनिया को पता होना चाहिए कि हम जेल नहीं गए और पूरी रात बाहर घूमते रहे।”

स्वतंत्र भारद्वाज ने वीडियो में आगे यह भी दावा किया कि वे जेल जाने से इसलिए बच गए क्योंकि बिहार के मंत्री चिराग पासवान और दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा से उनका बहुत खास रिश्ता है और वे दोनों उनके बड़े भाई समान हैं। उनके इस दावे के बाद यह मामला और अधिक तूल पकड़ चुका है। स्वतंत्र द्वारा हमले की बात कबूल करने के बाद पीड़ित व्यक्ति की बेटी निशु ने अब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।

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