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'जम्हाई ले रही हो, अंगड़ाई ले रही हो.', दरभंगा में महिला टीचर ने हेड मास्टर पर लगाए छेड़छाड़ और प्रताड़ना के आरोप.

 

'जम्हाई ले रही हो, अंगड़ाई ले रही हो.', दरभंगा में महिला टीचर ने हेड मास्टर पर लगाए छेड़छाड़ और प्रताड़ना के आरोप


Darbhanga School Harassment Case: ‘जम्हाई ले रही हो… अंगड़ाई ले रही हो… सीना दिखाकर चलती हो…’ अगर किसी स्कूल में पढ़ाने वाली शिक्षिका के साथ इस तरह की कथित बातें कही जाएं तो मामला सिर्फ आपसी विवाद या स्कूल की गुटबाजी तक सीमित नहीं रह जाता.

दरभंगा के एक सरकारी स्कूल से सामने आई शिकायत ने इसी वजह से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

मामला बिहार के दरभंगा जिले के मोरो थाना क्षेत्र के हनुमाननगर प्रखंड की अरैला पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय खपड़पुरा का है. यहां पदस्थापित TRE-3 शिक्षिका रीना कुमारी ने विद्यालय के हेड मास्टर कुमार गौरव पर छेड़छाड़, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करने, अश्लील वीडियो दिखाने और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं.

मानसिक प्रताड़ना के कारण दो महीने का गर्भ गिरा

शिक्षिका ने पुलिस को दिए आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना के कारण उनका दो महीने का गर्भ गिर गया. हालांकि, गर्भ गिरने और कथित मानसिक प्रताड़ना के बीच संबंध का दावा फिलहाल शिक्षिका की शिकायत पर आधारित है. इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी. शिक्षिका के आवेदन के मुताबिक, हेड मास्टर कथित तौर पर उन्हें घूरकर देखते थे और आपत्तिजनक फब्तियां कसते थे.

शिकायत में ‘जम्हाई ले रही हो’, ‘अंगड़ाई ले रही हो’ और ‘सीना दिखाकर चलती हो’ जैसे कथित संबोधनों का उल्लेख किया गया है. शिक्षिका का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर नीचा दिखाया जाता था. इतना ही नहीं, उन्हें बार-बार कार्यालय में बुलाकर बैठाने और इसी दौरान कंधे पर हाथ रखकर मोबाइल में अश्लील वीडियो दिखाने का भी आरोप लगाया गया है.

2025 से प्रताड़ना का सिलसिला चलने का दावा

शिक्षिका के अनुसार, कथित तौर पर यह सिलसिला वर्ष 2025 से चल रहा था. उन्होंने दावा किया कि लगातार मानसिक तनाव और प्रताड़ना के बीच उनका दो महीने का गर्भ गिर गया. शिक्षिका का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और डीपीओ को मौखिक एवं लिखित शिकायत भी दी थी. शिक्षिका का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई.

उनके अनुसार, मामले में केवल हेड मास्टर से स्पष्टीकरण मांगने की कार्रवाई हुई. मामला आगे नहीं बढ़ा. आखिरकार परेशान होकर उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया. वहीं हेड मास्टर कुमार गौरव ने शिक्षिका की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को गलत बताया है. उनका कहना है कि शिक्षिका महिला होने का फायदा उठा रही हैं. हेड मास्टर के अनुसार, वह अपनी मर्जी से विद्यालय में कार्य करती हैं. जब उन्हें मनमाने तरीके से काम करने से टोका जाता है तो वह उग्र हो जाती हैं.

SC-ST एक्ट समेत पांच धाराओं में केस

इस तरह मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं. अब पुलिस जांच में आरोपों की सच्चाई सामने आने का इंतजार है. मोरो थानाध्यक्ष दिव्य ज्योति ने बताया कि शिक्षिका के आवेदन के आधार पर कांड संख्या 96/2026 दर्ज किया गया है. मामले में एससी/एसटी एक्ट तथा बीएनएस की धारा 75, 78, 351 और 352 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.

स्कूल की गुटबाजी या महिला उत्पीड़न? अब जांच पर टिकी नजर

पुलिस के मुताबिक, शिक्षिका की ओर से लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है. बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के बीच विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के मामले लगातार सामने आते रहे हैं. कई मामलों में विभागीय जांच में आपसी गुटबाजी और विवाद की बात सामने आती है, लेकिन खपड़पुरा स्कूल का यह मामला इसलिए अलग है, क्योंकि इसमें शिक्षिका ने छेड़छाड़, जातिसूचक अपमान, अश्लील वीडियो दिखाने और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.

अब सवाल यही है कि आखिर स्कूल के भीतर क्या हुआ था? क्या यह महज आपसी विवाद और कार्यशैली को लेकर हुआ टकराव है या फिर शिक्षिका द्वारा लगाए गए आरोपों में सच्चाई है? पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी.

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