'रिश्वत नहीं तो बेटी भेज दो', लेखपाल ने रखी शर्मनाक मांग तो गरमाई सियासत, अखिलेश बोले- कहां है सरकार

रायबरेली : उत्तर प्रदेश के रायबरेली से एक शर्मनाक मामला सामने आया है. यहां एक लाचार मां जब रिश्वत नहीं दे पाई तो लेखपाल ने उससे उसकी बेटी को ही भेजने का ऑफर दे दिया. अब महिला ने अधिकारियों से इस बारे में शिकायत की है.
इधर, मामले में सियासत भी शुरू हो गई है. समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लेखपाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. साथ ही सरकार पर भी निशाना साधा है.
खर्चा पानी देने के पैसे नहीं
मामला रायबरेली के सरेनी ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत मलकेगांव का है. महिला ने आरोप लगाया कि उसका भारी बारिश की वजह से कच्चा मकान गिर गया है. घर गिरने की खबर पर जांच करने के लिए लेखपाल घर आए. जांच करने के बाद सरकारी मुआवजा दिलाने के लिए उन्होंने खर्चा-पानी (घूस) मांगा. जब उनसे कहा कि खर्चा पानी देने के पैसे नहीं हैं, तो उन्होंने तपाक से बेटी की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये जो लड़की खड़ी है, इसी को भेज दो.
'अगर न्याय नहीं मिला तो आत्महत्या कर लेंगे'
महिला ने आरोप लगाया कि जब लेखपाल की बात नहीं मानी तो उन्होंने गलत रिपोर्ट लगा दी. उन्होंने कहा कि तुम्हारा मकान नहीं गिरा है बल्कि तुम्हारे चाचा का घर गिर गया. इसकी शिकायत करने जब लड़की तहसील दिवस पर एसडीएम के पास गई तो उसका कहना है कि एसडीएम साहब लगातार हंस रहे थे. उसकी बात पर विश्वास नहीं कर रहे थे. उसने कहा कि बहुत भ्रष्टाचार है, अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी.
जांच में पलटी कहानी
शिकायत लालगंज सीओ सुजीत राय को जांच सौंपी गई है. उनका कहना है कि जांच की गई है और लड़की के आरोप गलत हैं. लड़की को भेज देने और रिश्वत मांगने के आरोप सही नहीं पाए गए. अब सच क्या झूठ क्या समय के साथ सामने आ ही जाएगा. इधर, मामले में सियासी हलचल शुरू हो गई है.
राजनीति शुरू
अखिलेश यादव ने देर रात सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कहा कि तत्काल निलंबन हो, बर्खास्तगी हो और ऐसा दंड मिले कि कोई दूसरा अधिकारी फिर कभी ऐसी हिम्मत और दुस्साहस न कर सके. वहीं उन्होंने भाजपा सरकार पर भी हमला बोला. उन्होंने लिखा कि 'नारी वंदन' का ढोंग करने वाली भाजपा सरकार है भी या नहीं. अंत में लिखा कि और कुछ नहीं कहना है.
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