पेट्रोल-डीजल के बढ़ेंगे दाम, LPG पर भी लगेगा झटका? आ गया बड़ा अपडेट

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बाद भारत की सरकारी तेल विपणन कंपनियां भारी नुकसान झेल रही हैं।
रेटिंग एजेंसी इक्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को पेट्रोल पर प्रति लीटर 8 रुपये तथा डीजल पर 9 रुपये का नुकसान उठा रही हैं।
घरेलू एलपीजी सिलिंडर पर अंडर-रिकवरी करीब 300 रुपये है। इन कंपनियों को रोजाना 530 करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात कही गई है।
पश्चिम एशिया संघर्ष बढ़ीं तेल की कीमतें
इक्रा का कहना है कि भारत द्वारा आयातित कच्चे तेल की बास्केट कीमत 21 सितंबर 2026 को 117.4 डॉलर प्रति बैरल थी जबकि 2025-26 में औसतन आयात मूल्य 66 डॉलर प्रति बैरल था। पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने सिर्फ मई, 2026 में खुदरा कीमतें बढ़ाई हैं।
19 से 23 मई, 2026 के बीच पेट्रोल की खुदरा कीमत में कुल चार बार (कुल 7.35 रुपये प्रति लीटर) बढ़ोतरी की गई थी। हालांकि उसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड लगातार अस्थिर बना रहा है। हाल के हफ्तों में यह लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के आस पास है।
तेल कंपनियों को हो रहा नुकसान
रिपोर्ट के मुताबिक, वैसे इन कंपनियों की रिफाइनिंग मार्जिन की स्थिति काफी अच्छी बनी हुई है। सिंगापुर ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (एशिया में तेल रिफाइनरियों की लाभ मार्जिन निकालने का बेंचमार्क) पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद 10 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने हुए हैं।
फिर भी ऊंचे कच्चे तेल और उत्पादों को कम लागत से लगातार बेचने से कंपनियों की लाभप्रदता तथा नकदी प्रवाह पर असर पड़ने की संभावना है। कंपनियों का वित्तीय प्रदर्शन इस बात पर भी निर्भर करेगा कि केंद्र सरकार उन्हें कितना वित्तीय मदद उपलब्ध कराती है।
No comments