'PM मोदी रात को सोते नहीं, हम इनको पागल कर देंगे...', PM MODI पर RAHUL GANDHI का तीखा हमला.
ग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार (13 अगस्त) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। नई दिल्ली के मावलंकर हॉल में आयोजित रचनात्मक कांग्रेस सम्मेलन में राहुल गांधी ने सरकार की नीतियों से लेकर RSS, विदेश नीति और देश में अभिव्यक्ति की आजादी तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
पीएम मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का काम बहुत सीधा है और देश की जनता अब अपनी बात खुलकर कहने लगी है। राहुल गांधी के इस बयान ने राजनीतिक बहस को गर्म कर दिया है। लेकिन आखिर उन्होंने ऐसा क्यों कहा और उनके पूरे भाषण का फोकस क्या था?
'पीएम रात को सोते नहीं हैं और शाह गायब हैं'
राहुल गांधी ने दावा किया कि अब सरकार के सामने अपनी बात रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। राहुल गांधी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को लेकर कई तीखे तंज कसे। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सरकार को लगातार सवालों के घेरे में रखना है। राहुल ने दावा किया कि मौजूदा सरकार को अब देश की आवाज और लोगों की अभिव्यक्ति की ताकत का एहसास हो रहा है।
अमित शाह को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें कभी चाणक्य और सरदार पटेल जैसे नामों से जोड़ा जाता था, लेकिन अब वे संसद में नजर नहीं आए। राहुल ने इसे सरकार के भीतर बेचैनी से जोड़ते हुए कहा कि "अब इन्हें समझ आ गया है कि भारत अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटेगा।"
राहुल गांधी ने कहा,
"हमारा काम बहुत आसान है, हम इनको परेशान कर देंगे। नरेंद्र मोदी रात में सो नहीं पा रहे हैं, इसके पीछे कई खुली और छिपी वजहें हैं। अमित शाह 20 दिन तक संसद में नहीं दिखे, क्योंकि पहली बार उन्हें समझ आ रहा है कि देश अपनी आवाज उठा रहा है।"
'अमेरिका-ईरान जंग में भारत का मौका पाकिस्तान ले गया'
विदेश नीति पर बात करते हुए राहुल गांधी ने इतिहास और मौजूदा हालात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के वक्त भारत के पास बातचीत की अगुवाई करने का बड़ा मौका था, जिसे गंवा दिया गया। अगर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जैसा मजबूत नेतृत्व होता तो भारत दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर सकता था, लेकिन उस मौके को पाकिस्तान भुना ले गया।
उन्होंने कहा,
"ईरान, अमेरिका और रूस तीनों ही हमारे पुराने दोस्त हैं। हम इनके बीच दोस्ती करा सकते थे, लेकिन नरेंद्र मोदी देखते रह गए और पाकिस्तान यह बाजी मार ले गया।"
राहुल गांधी बोले-'हम किसी एक खांचे में फिट नहीं होंगे'
राहुल गांधी के भाषण का एक बड़ा हिस्सा अभिव्यक्ति की आजादी पर था। उन्होंने कहा कि भारत को किसी एक विचार या पहचान के खांचे में नहीं बांधा जा सकता। उनके मुताबिक देश में अलग-अलग सोच और विचार रखने वाले लोगों के लिए जगह होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "हम किसी एक खांचे में फिट होने वाले लोग नहीं हैं। हमारे पास हजारों तरह की पहचान और सोच है। हमें एक ही ढांचे में बंद नहीं किया जा सकता।" राहुल ने यहां तक कहा कि अगर कभी आरएसएस की अभिव्यक्ति को खत्म करने की बात होगी तो वह उसकी भी रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। बात पसंद न आए तो उसका जवाब दिया जा सकता है, लेकिन किसी की आवाज दबाना सही नहीं है।
RSS और अडानी-अंबानी को लेकर क्या बोले राहुल?
राहुल गांधी ने अपने भाषण में आरएसएस को लेकर भी बेहद तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पूंजीपति समूहों ने आरएसएस के मूल ढांचे को प्रभावित किया है। उन्होंने खास तौर पर उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी का नाम लिया।
राहुल ने कहा, "पहले आरएसएस में छोटे दुकानदार, मिठाई बेचने वाले, सुनार, लोहार और छोटे कारोबारी बड़ी संख्या में जुड़े थे। नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसलों ने छोटे कारोबारियों को नुकसान पहुंचाया। आज आरएसएस का इस्तेमाल बड़े पूंजी के हितों के लिए हो रहा है।" यह राहुल गांधी का आरोप है। उन्होंने इसे अपनी राजनीतिक आलोचना के तौर पर रखा।
PM मोदी की विदेश नीति पर क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं और नेताओं से मुलाकात की शैली पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि केवल किसी नेता से गले मिलना विदेश नीति की सफलता नहीं हो सकती।
इसी बात को समझाने के लिए उन्होंने मंच पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया और कहा कि सिर्फ गले मिलने को विदेश नीति नहीं कहा जा सकता। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि यह सरकार की संचार रणनीति का हिस्सा है, लेकिन बाद में उनके मन में इसे लेकर अलग सवाल पैदा हुए

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