Viral Video: बेटी ने बस इतना कहा- "मुझे ये बाज चाहिए." फिर पिता ने लगा दी करोड़ों की बोली, नीलामी में जो हुआ उस पर यकीन नहीं होगा!
अबू धाबी: पिता और बेटी का रिश्ता दुनिया के सबसे खूबसूरत रिश्तों में से एक माना जाता है। बेटी की छोटी-सी खुशी भी कई बार पिता के लिए बहुत बड़ी खुशी बन जाती है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसी ही कहानी चर्चा में है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक बेटी ने अपने पिता से एक दुर्लभ सफेद बाज खरीदने की इच्छा जताई और पिता ने उसकी इच्छा पूरी करने के लिए नीलामी में करोड़ों रुपये की बोली लगा दी।
हालांकि, बेटी और पिता के बीच हुई बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन अबू धाबी में हुई नीलामी में एक बेहद दुर्लभ सफेद Gyr Falcon के AED 1.5 मिलियन में बिकने की घटना सामने आई है। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 3.7 से 3.9 करोड़ रुपये के आसपास बैठती है।
यह बाज इस नीलामी में सबसे ज्यादा कीमत पर बिकने वाला पक्षी बना। इसकी कीमत सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोग हैरान रह गए और देखते ही देखते यह मामला पिता-बेटी के रिश्ते और करोड़ों की बोली से जुड़ी चर्चा का विषय बन गया।
बेटी ने कहा- मुझे यही बाज चाहिए!
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कहानी के अनुसार, बेटी की नजर नीलामी में मौजूद इस खास सफेद बाज पर पड़ी। उसे यह बाज इतना पसंद आया कि उसने अपने पिता के सामने इसे हासिल करने की इच्छा जाहिर कर दी।
बेटी की इच्छा सुनने के बाद पिता ने कथित तौर पर उसकी खुशी के लिए बोली लगाने का फैसला किया। नीलामी आगे बढ़ती गई और बाज की कीमत लगातार बढ़ती चली गई।
आखिरकार बोली 15 लाख नहीं, बल्कि 15 लाख दिरहम यानी AED 1.5 मिलियन तक पहुंच गई। भारतीय रुपये में यह रकम करोड़ों में है।
यही वह क्षण था जब वहां मौजूद लोगों का ध्यान इस बाज पर टिक गया। एक पक्षी के लिए इतनी बड़ी रकम खर्च किए जाने की खबर ने लोगों को चौंका दिया।
हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पिता और बेटी के बीच हुई बातचीत तथा पिता ने यह बाज बेटी के कहने पर ही खरीदा था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस हिस्से को सोशल मीडिया पर वायरल दावे के तौर पर देखना चाहिए।
आखिर इस सफेद बाज में ऐसा क्या खास था?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक बाज की कीमत करोड़ों रुपये क्यों पहुंच गई?
दरअसल, यह कोई साधारण बाज नहीं था। यह एक बेहद दुर्लभ Ultra White Pure Gyr Garmousha Falcon बताया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका बेहद सफेद रंग और इसकी नस्ल है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस बाज को अमेरिका के एक विशेष फार्म में पाला गया था। इसका वजन लगभग 1,000 ग्राम बताया गया है, जबकि इसकी लंबाई और चौड़ाई करीब 16.5 इंच के आसपास थी।
Gyr Falcon को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और शक्तिशाली शिकारी पक्षियों में गिना जाता है। इसकी शारीरिक बनावट, उड़ान क्षमता और शिकार करने की क्षमता के कारण बाजपालन की दुनिया में इसकी काफी मांग रहती है।
लेकिन जब यही नस्ल दुर्लभ रंग और बेहतरीन bloodline के साथ सामने आती है, तो इसकी कीमत सामान्य बाजों की तुलना में कई गुना बढ़ सकती है।
अबू धाबी में बाजों की इतनी कीमत क्यों?
अबू धाबी और खाड़ी देशों में बाज केवल एक पक्षी नहीं है। इसका संबंध सदियों पुरानी falconry यानी बाजपालन और बाज से शिकार करने की परंपरा से है।
बाजपालन को इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा माना जाता है। इसलिए यहां उच्च गुणवत्ता वाले बाजों को लेकर लोगों में खास दिलचस्पी रहती है।
अबू धाबी में आयोजित होने वाली बड़ी प्रदर्शनियों और नीलामियों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से बाजपालक और प्रजनक पहुंचते हैं। यहां बाजों की नस्ल, bloodline, रंग, आकार, पंख, शारीरिक क्षमता और शिकार से संबंधित गुणों को काफी महत्व दिया जाता है।
इसी वजह से किसी खास नस्ल के दुर्लभ बाज की बोली लाखों दिरहम तक पहुंच सकती है।
1.5 मिलियन दिरहम तक पहुंची बोली
नीलामी में जैसे-जैसे बोली बढ़ती गई, लोगों की उत्सुकता भी बढ़ती गई। आखिरकार इस दुर्लभ सफेद Gyr Falcon के लिए AED 1.5 मिलियन की अंतिम बोली लगी।
भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 3.7 करोड़ रुपये से ज्यादा बैठती है।
एक सामान्य व्यक्ति के लिए यह कल्पना करना भी मुश्किल है कि एक पक्षी की कीमत इतनी ज्यादा हो सकती है। लेकिन बाजपालन की दुनिया में दुर्लभ नस्ल और बेहतरीन genetic lineage वाले पक्षियों की कीमत बहुत ऊंची हो सकती है।
इस बाज की बिक्री ने यह भी दिखाया कि इस परंपरा और शौक से जुड़े लोगों के बीच उच्च गुणवत्ता वाले पक्षियों की मांग कितनी मजबूत है।
अगले दिन भी बिका करोड़ों का बाज
दिलचस्प बात यह है कि नीलामी में सिर्फ इसी बाज ने सुर्खियां नहीं बटोरीं।
इसके बाद एक और दुर्लभ Gyr Falcon करीब AED 1.1 मिलियन में बिका। यानी लगातार दो दिनों में दो बाजों की कीमत एक मिलियन दिरहम से ज्यादा पहुंच गई।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अबू धाबी की इस नीलामी में दुर्लभ बाजों को लेकर किस तरह की प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।
सिर्फ रंग नहीं, bloodline भी होती है महत्वपूर्ण
बाज की कीमत तय करते समय उसका रंग जरूर महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन यह अकेला कारण नहीं होता।
विशेषज्ञ बाज की bloodline को भी काफी महत्व देते हैं। अगर किसी बाज की वंशावली मजबूत हो और उसके पूर्वजों में बेहतरीन उड़ान या शिकार क्षमता रही हो, तो उसकी कीमत काफी बढ़ सकती है।
इसी तरह पक्षी की शारीरिक बनावट, पंखों की गुणवत्ता, वजन, स्वास्थ्य और प्रशिक्षण की क्षमता भी उसकी कीमत पर असर डालती है।
दुर्लभ सफेद रंग और उच्च गुणवत्ता वाली नस्ल का संयोजन इस बाज को नीलामी में बेहद खास बना रहा था।
पिता-बेटी की कहानी ने दिया भावनात्मक रंग
अगर बाज की नीलामी की वास्तविक घटना को अलग रखें, तो सोशल मीडिया पर वायरल पिता-बेटी की कहानी ने इस पूरे मामले को एक भावनात्मक रूप दे दिया है।
लोग इसे पिता के प्यार से जोड़ रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि जब किसी पिता के पास अपनी बेटी की इच्छा पूरी करने की आर्थिक क्षमता हो, तो उसकी खुशी के लिए कुछ खास करना उसके प्यार को दर्शाता है।
वहीं कुछ लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि क्या किसी शौक या इच्छा के लिए करोड़ों रुपये खर्च करना उचित है?
यही वजह है कि यह मामला सिर्फ बाज की कीमत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
क्या करोड़ों रुपये खर्च करना सही है?
इस सवाल का जवाब हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है।
अगर कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से बेहद सक्षम है और अपनी कमाई से किसी दुर्लभ चीज पर पैसा खर्च करता है, तो यह उसका व्यक्तिगत फैसला हो सकता है। दूसरी ओर, आम परिवारों के लिए करोड़ों रुपये की रकम बहुत बड़ी होती है।
इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति के खर्च को देखकर उसके फैसले को सही या गलत कहना आसान नहीं है।
लेकिन पिता-बेटी के रिश्ते की बात करें तो बच्चों की खुशी के लिए माता-पिता बहुत कुछ करने को तैयार रहते हैं। कई बार छोटी-सी चीज भी बच्चे के लिए जिंदगी भर की याद बन जाती है।
इस कहानी में भी सोशल मीडिया यूजर्स इसी भावनात्मक पहलू को सबसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
वायरल दावे और वास्तविक घटना में अंतर
इस पूरे मामले में एक जरूरी सावधानी भी है।
दुर्लभ सफेद Gyr Falcon के AED 1.5 मिलियन में बिकने की घटना सामने आई है, लेकिन यह पुष्टि नहीं हुई है कि इसे किसी पिता ने अपनी बेटी की जिद पूरी करने के लिए ही खरीदा था।
सोशल मीडिया पर चल रही कहानी में पिता और बेटी की बातचीत को भावनात्मक अंदाज में पेश किया गया है। इसलिए पाठकों को वायरल दावे और आधिकारिक रूप से पुष्टि की गई जानकारी के बीच अंतर समझना चाहिए।
फिर भी बाज की कीमत अपने आप में इतनी बड़ी है कि उसने लोगों का ध्यान खींच लिया है।
एक बाज की कीमत ने छोड़ दिया बड़ा सवाल
अबू धाबी की इस नीलामी ने जहां दुर्लभ बाजपालन की दुनिया की झलक दिखाई, वहीं सोशल मीडिया पर वायरल पिता-बेटी की कहानी ने इसे एक भावुक किस्सा बना दिया।
एक तरफ करोड़ों रुपये का दुर्लभ सफेद बाज, दूसरी तरफ बेटी की खुशी के लिए पिता द्वारा कथित तौर पर इतनी बड़ी बोली लगाने की कहानी-इन दोनों ने मिलकर लोगों के बीच एक दिलचस्प सवाल खड़ा कर दिया है।
अगर आपके पास करोड़ों रुपये खर्च करने की क्षमता हो और आपकी बेटी किसी बेहद महंगी चीज की इच्छा करे, तो क्या आप सिर्फ उसकी खुशी के लिए इतनी बड़ी रकम खर्च करेंगे?
यही सवाल अब सोशल मीडिया पर लोगों के बीच बहस का विषय बना हुआ है।

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