'मर चुका था रवि शंकर', लेकिन 4 साल बाद नोएडा में जिंदा मिला! समस्तीपुर मर्डर मिस्ट्री केस में नया ट्विस्ट

समस्तीपुर के रोसड़ा में चार साल पुराने एक हत्या के मामले ने अचानक ऐसा मोड़ लिया है, जिसने पुलिस से लेकर गांववालों तक को हैरान कर दिया है. जिस 20 वर्षीय युवक रवि शंकर कुमार की हत्या और शव गायब करने के आरोप में चार लोगों को जेल भेजा गया था, उसके अब नोएडा में जिंदा मिलने का दावा किया जा रहा है.
बताया जा रहा है कि वह वहां एक फल दुकान में मजदूरी कर रहा था. इसी दौरान गांव के एक युवक की नजर पड़ी तो उसे पहचन लिया और इसके बाद उसे लेकर सीधे रोसड़ा थाना पहुंचा दिया.
1 जुलाई 2022 को दर्ज हुआ था हत्या का मामला
मामला रोसड़ा थाना क्षेत्र के लालपुर गांव का है. 1 जुलाई 2022 को मदन यादव ने थाने में शिकायत देकर अपने 20 वर्षीय दिव्यांग बेटे रवि शंकर कुमार की हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगाया था. शिकायत के मुताबिक रवि शंकर गांव के कुछ लोगों के साथ जेसीबी, ट्रैक्टर और आम के बगीचे में काम करता था. आरोप लगाया गया कि ट्रैक्टर पलटने से उसकी मौत हो गई थी. इसके बाद शव को गायब कर दिया गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और इस केस में चार लोगों को आरोपी बनाया गया. इसके बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया.
चार साल बाद नोएडा में मिला 'मृत' युवक
चार साल तक मामला अपनी जगह चलता रहा, लेकिन 2 अक्टूबर 2026 को अचानक पूरी कहानी बदलती नजर आई. लालपुर का रहने वाला आकाश कुमार नोएडा में मजदूरी करता है. दोपहर करीब तीन बजे वह सैलून जाने के लिए निकला था. इसी दौरान उसकी नजर एक फल की दुकान पर काम कर रहे युवक पर पड़ी. आकाश को उसका चेहरा जाना-पहचाना लगा. उसने पास जाकर देखा तो दावा किया कि यह वही रवि शंकर है, जिसे चार साल पहले मृत मान लिया गया था. इसके बाद आकाश ने अपने साथियों और पंचायत के मुखिया को इसकी जानकारी दी तो गांववाले वहां पहुंच गए और उस युवक को लेकर रोसड़ा थाना पहुंचे.
थाने पहुंचा युवक तो उमड़ गई भीड़
युवक के थाने पहुंचने की खबर मिलते ही रोसड़ा थाना परिसर में ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी. लोगों के सामने अब चार साल पुराने हत्या मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए. ग्रामीणों ने तत्कालीन थानाध्यक्ष, जांच अधिकारी और डीएसपी की भूमिका पर भी सवाल उठाए और पूरे मामले की दोबारा जांच की मांग की. हालांकि, अभी सबसे अहम बात युवक की आधिकारिक पहचान है. पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नोएडा में मिला युवक वास्तव में रवि शंकर कुमार ही है या नहीं.
अगर युवक रवि शंकर है तो सबसे बड़ा सवाल जिंदा है
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर सामने आया युवक रवि शंकर ही साबित होता है, तो चार साल पहले जिस शव को रवि शंकर का माना गया था, उसकी पहचान कैसे हुई? क्या उस समय शव की पहचान की प्रक्रिया में कोई चूक हुई थी? जांच में किन सबूतों के आधार पर चार लोगों को आरोपी बनाया गया था? क्या अब पुराने केस की जांच फिर से होगी? इन सवालों का जवाब पुलिस की आगे की जांच और आधिकारिक पहचान के बाद ही मिल सकेगा.
चार साल पुराने केस की फाइल फिर खुलेगी?
एक तरफ चार साल पुरानी हत्या की केस फाइल है, जिसमें चार लोग आरोपी बनकर जेल जा चुके हैं. दूसरी तरफ अब वही युवक सामने है, जिसकी हत्या का मामला दर्ज हुआ था. अगर युवक की पहचान रवि शंकर के रूप में आधिकारिक तौर पर हो जाती है, तो यह सिर्फ एक पुराने हत्या केस का नया मोड़ नहीं होगा, बल्कि जांच और पहचान की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करेगा. फिलहाल पुलिस के सामने सबसे पहला काम युवक की पहचान की पुष्टि करना और चार साल पुराने मामले के सभी तथ्यों को फिर से जांचना है.
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