न्यूजीलैंड में भी वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिलेगा? टैलेंट है, पर टीम इंडिया में जगह बनाना मुश्किल क्यों?

15 साल के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को अभी तक भारत के लिए घरेलू मैदान पर डेब्यू करने का मौका नहीं मिला है. जिम्बाब्वे दौरे पर सीरीज के खिलाड़ी चुने जाने के बावजूद, उन्हें अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ पूरी सीरीज में बेंच पर बैठना पड़ा.
कई फैंस सोशल मीडिया पर टीम मैनेजमेंट के इस फैसले से नाराजगी जता रहे हैं. हर घरेलू मैच में दर्शक इस उम्मीद में आते हैं कि शायद आज वैभव को मौका मिल जाए. गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों ने वैभव से कहा है कि उन्हें अपने मौके का इंतजार करना होगा.
मुरली कार्तिक ने कह दी बड़ी बात
आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी देश के सबसे होनहार युवा प्रतिभाओं में से एक बनकर उभरे हैं. उन्होंने एशियन गेम्स में अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करते हुए अपनी क्षमता की झलक भी दिखाई थी, लेकिन सीनियर टीम में घरेलू डेब्यू का इंतजार अभी भी जारी है. पूर्व भारतीय स्पिनर मुरली कार्तिक को हालांकि युवा खिलाड़ी को टीम में जल्दबाजी में शामिल करने की कोई वजह नहीं दिखती. सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क द्वारा आयोजित एक वर्चुअल बातचीत में इंडिया टुडे से बात करते हुए, कार्तिक ने मौजूदा ओपनिंग जोड़ी संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के साथ बने रहने के टीम मैनेजमेंट के फैसले का समर्थन किया.
कार्तिक का तर्क: बदलाव क्यों नहीं?
सैमसन और अभिषेक ने 38 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में एक साथ 1,125 रन बनाए हैं, जो इस फॉर्मेट में भारत की चौथी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली साझेदारी है. ईशान किशन भी शानदार फॉर्म में हैं, ऐसे में वैभव को टॉप ऑर्डर में जगह बनाने के लिए कड़ी टक्कर मिल रही है. कार्तिक ने कहा, ‘मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो सिर्फ बदलाव के लिए बदलाव करे. मुझे पता है कि बदलाव होता रहता है, लेकिन सही कारणों से बदलाव होना चाहिए.’ उन्होंने आगे कहा, ‘संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की क्वालिटी हमने देखी है, वे दोनों शीर्ष पर बैठे हैं. फिर आपके पास ईशान किशन भी हैं, जो आपके नंबर दो, नंबर एक खिलाड़ी हैं, इसलिए बदलाव करना बहुत मुश्किल है.’
यशस्वी जायसवाल जैसी स्थिति
कार्तिक वैभव की स्थिति को यशस्वी जायसवाल से जोड़कर देखते हैं. जायसवाल भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के बावजूद भारत की सफेद गेंद क्रिकेट टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. टेस्ट क्रिकेट और आईपीएल में जायसवाल ने अपनी क्षमता बार बार साबित की है, लेकिन वनडे में रोहित शर्मा और शुभमन गिल के टॉप ऑर्डर में स्थापित होने के कारण उन्हें भी इंतजार करना पड़ा है. कार्तिक के लिए, वैभव की स्थिति भी ऐसी ही है, जहां प्रतिभा को स्थापित खिलाड़ियों से टक्कर लेनी पड़ रही है.
कार्तिक ने कहा, ‘हां, हम उत्साहित होते हैं क्योंकि वह एक रोमांचक प्रतिभा है. हम कुछ भी कम नहीं आंक रहे हैं, लेकिन आखिर में, ये सफेद गेंद क्रिकेट में यशस्वी जायसवाल जैसा ही है. क्या आप सिर्फ बदलाव के लिए, किसी को हटाने के लिए बदलाव करते हैं? मुझे नहीं लगता कि मैं इसके पक्ष में हूं.’
ईमानदारी सबसे अच्छी नीति
कार्तिक का मानना है कि धैर्य रखना बहुत जरूरी है. उन्होंने याद दिलाया कि वैभव ने इंग्लैंड में तब डेब्यू किया था जब सैमसन खराब दौर से गुजर रहे थे, जिससे टीम को बदलाव करने पर मजबूर होना पड़ा. कार्तिक ने कहा कि ऐसा मौका फिर आ सकता है, लेकिन ये कब होगा, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है.
कार्तिक के मुताबिक, खिलाड़ियों को उनकी स्थिति के बारे में जानकारी देना उतना ही अहम है जितना उन्हें मौके के लिए तैयार करना. उनका मानना है कि गंभीर और श्रेयस सही कर रहे हैं, वे वैभव से बात कर रहे हैं और ये साफ कर रहे हैं कि मौका आने पर उन्हें तैयार रहना होगा. उन्होंने कहा, ‘भले ही आपको उन्हें कड़वी सच्चाई बतानी पड़े, ये बेहतर है क्योंकि आप इसे स्वीकार करते हैं. आपको ये पसंद नहीं आ सकता है; ये कुछ समय के लिए असहज हो सकता है, लेकिन ये वैसा ही है जैसा है. आपको इससे निपटना होगा और आगे बढ़ना होगा.’
वैभव सूर्यवंशी न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारत के साथ क्राइस्टचर्च पहुंच चुके हैं. उनकी मौजूदगी से डेब्यू की उम्मीदें बरकरार रहेंगी, लेकिन फैंस को अपनी उम्मीदों को थोड़ा कम रखना पड़ सकता है. फिलहाल, टीम मैनेजमेंट का संदेश साफ है: प्रतिभा को पहचाना गया है, मौका मिलेगा, लेकिन धैर्य प्रक्रिया का हिस्सा है.
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