Chamba: भगवान शिव की मूर्ति तोड़ने वाले नहीं पकड़े तो आंदोलन

भरमौर – जनजातीय क्षेत्र भरमौर के लाहल गांव के निकट स्थित प्रथम कैलाश दर्शन स्थल पर स्थापित भगवान भोले नाथ की मूर्ति को खंडित करने की घटना को शिवभूमि सेवा दल ने लोगों की आस्था पर गहरी चोट करार देते हुए बुधवार को उपमंडल मुख्यालय में एक विरोध रैली निकालकर एडीएम भरमौर पीपी सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को एक ज्ञापन भेजा है। मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले वर्ष अक्तूबर माह में भी इस तरह की घटना हो चुकी है और तरह की घटनाओं की पुनरावृति हो रही है, जिसे हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन में उन्होंने क्षेत्र के लोगों का हवाला देते हुए संदेह जताया है कि यहां चल रहे टॉवर निर्माण कार्य के लिए बाहरी राज्यों से भी काफी संख्या में लोग आए हैं, जिनकी भी छानबीन करने की बात ज्ञापन में कही गई है। उन्होंने चेताया है कि 21 फरवरी तक आरोपियों का पता नहीं लगाया गया तो वह विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। उन्होंने कहा है कि जब तक घटना को अंजाम देने के आरोपियों का पता नहीं चल पाता, यहां कार्य कर रहे बाहरी लोगों को काम नहीं करने दिया जाएगा और कार्य को पूर्ण रूप से बंद करवा दिया जाए। इससे पहले शिवभूमि सेवा दल ने बुधवार को भरमौर स्थित चौरासी मंदिर परिसर में एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में काफी संख्या में सेवा दल के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इस दौरान बैठक में मौजूद लोगों ने इस कृत्य की कडे़ शब्दों में निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग प्रमुखता के साथ उठाई है।
उल्लेखनीय है कि प्रथम कैलाश दर्शन स्थल पर भगवान भोले नाथ की एक मूर्ति स्थापित की गई थी। करीब चार माह पूर्व भी यहां पर स्थापित मूर्ति को शरारती तत्वों ने खंडित कर दिया था, जिसके बाद यहां पर नई मूर्ति लगाई गई। बताया जा रहा है कि सोमवार रात को शरारती तत्वों ने इस मूर्ति को भी खंडित कर दिया, जिसके चलते क्षेत्र के लोगों में भी भारी रोष पैदा हो गया है। हालांकि पुलिस ने इस बावत मामला दर्ज कर गहनता के साथ छानबीन आरंभ भी कर दी है। इस मौके पर शिवभूमि सेवा दल के महासचिव बाली राम समेत अनिल कुमार, काकू राम समेत स्थानीय लोगों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
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