Chamba: अधिकारी जीरो बजट प्राकृतिक खेती को दें बढ़ावा

भरमौर – एसडीएम मनीष सोनी ने कहा है कि उपमंडल में जीरो बजट प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी जमीनी स्तर पर कार्य करें, ताकि भरमौर के किसानों को इस योजना का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके और लोगों की आर्थिकी मजबूत हो सके। वह बुधवार को महत्वाकांक्षी जिला योजना के तहत भरमौर उपमंडल के जनजातीय उपयोजना में निर्धारित मापदंडों के अनुसार करवाए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने विकास कार्यों में तेज गति प्रदान करने के लिए निर्देश देते हुए कहा कि भरमौर उपमंडल में जीरो बजट प्राकृतिक खेती के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न पंचायतों में जागरूकता शिविर आयोजित करें। कृषि विभाग द्वारा भरमौर के पालदा, थल्ला, जगत, चन्हौता व सुप्पा में कृषि विभाग द्वारा जीरो बजट प्राकृतिक खेती के डेमोंसटेस्शन आधारित प्लाट में मटर व गेहूं उत्पादन बारे जानकारी हासिल की। उन्होंने खंड चिकित्सा अधिकारी भरमौर से संस्थागत व गैर संस्थागत प्रसव के बारे में ब्योरा तलब करते हुए कहा कि सहारा व हिम केयर जैसी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में पंचायती राज संस्था से अलग से बैठककर उन्हें इन योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाएं। मनीष सोनी ने कार्यकारी बाल विकास परियोजना अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि मातृ शिशु बैठकों का तय शेड्यूल के मुताबिक ही आयोजन करें। मनरेगा कन्वर्जेंस के तहत जो 6 आंगनबाड़ी भवन के कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि अन्य आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए भूमि का चयन जल्द किया जाए। उन्होंने कहा कि भरमौर उपमंडल के 472 मनरेगा कामगारों को हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से भी लाभान्वित किया जाएगा। बैठक में खंड चिकित्साधिकारी अंकित शर्मा, खंड विकास अधिकारी मोहिंद्र कुमार ठाकुर, विषय वस्तु विशेषज्ञ कृषि रामचंद्र कार्यकारी बाल विकास परियोजना अधिकारी व शिक्षा विभाग के कार्यालय प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मैहला में पौधों के संरक्षण को चलाया अभियान
मैहला। द्रोण प्रशिक्षण अकादमी चंबा और वैदिक वाइब्स ईको टूरिज्म रिजोर्ट मैहला ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर आरंभ किए गए विशेष अभियान के तहत पौधारोपण किया। इस दौरान ईं. मनीष जमवाल, हरीश कुमार और देविंद्र सिंह की अगुवाई में पौधारोपण कर लोगों में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। साथ ही लोगों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से भी अवगत करवाया गया।
ई. मनीष जम्वाल ने कहा कि मौजूदा समय में अंधाधुंध पेड़ों की कटाई कर प्रकृति का दोहन किया जा रहा है। नतीजतन लोगों को विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं का कहर झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की स्थिति वर्तमान समय में जानलेवा साबित हो रही है। ऐसे में सभी जीवधारियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस संकट के निवारण के लिए पौधरोपण व पौधों का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर पौधे लगाएं। यदि धरती को बचाना है तो वृक्ष लगाना अनिवार्य है।
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