Kangra: कोरोना वायरस से बचाव के लिए तिब्बती डॉक्टर ने बनाई दवा, ऐसे करेगी काम

चीन समेत कई देशों में सैकड़ों लोगों को निगल चुके कोरोना वायरस से बचने के लिए तिब्बतियन डॉक्टर ने दवा बनाने का दावा किया है। मैक्लोडगंज स्थित तिब्बतियन मेडिकल कॉलेज (मेन-से-खंग) के एक शोधार्थी डॉ. तेंजिन येशी का दावा है कि काले कपड़े में बांधकर इस गोली को गले में पहनने से कोरोना वायरस शरीर पर असर नहीं करेगा। गले में बंधी दवा को बार-बार सूंघना होगा। इससे शरीर की इम्युनिटी बढ़ेगी। कोई भी वायरस शरीर पर असर नहीं करेगा। दवा तिब्बतियन चिकिस्ता पद्धति से बनाई गई है।
निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रेस अधिकारी पेल्जोर ला ने भी कहा कि शोध कर रहे तिब्बतियन डॉक्टर येशी ने इस तरह की दवा बनाई है। मैक्लोडगंज स्थित तिब्बतियन मेडिकल कॉलेज की स्थापना बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के पूर्व निजी डॉक्टर येशी डोंडेन ने भारत आकर की थी। तिब्बतियन पद्धति से कैंसर का इलाज करने के लिए दुनिया भर में मशहूर रहे डॉक्टर डोंडेन दलाईलामा के साथ ही भारत आए थे। वर्ष 2018 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया। हाल ही में 94 वर्ष की आयु में उनका मैक्लोडगंज में निधन हुआ था।
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