Una: पालकवाह में आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने किया समस्याओं का निपटारा, प्रमाण पत्र भी बांटे

ऊना –हरोली विधानसभा क्षेत्र के पालकवाह में जनमंच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जल शक्ति, बागबानी तथा सैनिक कल्याण मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने की। जनमंच में ग्राम पंचायत पालकवाह, नंगल खुर्द, कर्मपुर, चंदपुर, ललड़ी, कुंगड़त, हलेड़ा विलना, भदौड़ी, हरोली तथा सेंसोवाल की समस्याएं सुनी गईं। जनमंच कार्यक्रम में चयनित पंचायतों से 24, क्लस्टर से बाहर की पंचायतों से 27 तथा प्री जनमंच में 15 जन समस्याएं प्राप्त हुईं। जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जन समस्याओं का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर करने को प्रतिबद्ध है।
जनमंच की शुरुआत से लेकर अब तक लगभग 45 हजार शिकायतें व मांगें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत का निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जनमंच न सिर्फ जन समस्याओं के निपटारे का मंच है, बल्कि यहां पर लगाई जाने वाली विभागों की विकासात्मक प्रदर्शनियों के माध्यम से सरकार की योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंच रही है। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र भी जनमंच में आबंटित किए जाते हैं। महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एक गरीब परिवार में पले बड़े हैं, ऐसे में गरीब का दुख-दर्द वह भली-भांति जानते हैं।
जनमंच कार्यक्रम जहां अधिकारियों को पारदर्शिता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित कर रहा है। वहीं, लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से छुटकारा दिलाता है। इससे लोगों के धन व समय की बचत होती है। उन्होंने कहा दो वर्ष के कार्यकाल में जयराम ठाकुर सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाएं सफलतापूर्वक चलाई हैं, जिनसे लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
जनमंच में बनाए 12 आयुष्मान-6 हिमकेयर कार्ड
ऊना। हरोली जनमंच में 12 परिवारों के आयुष्मान तथा छह परिवारों के हिमकेयर कार्ड बनाए गए। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों ने 125 व्यक्तियों के स्वास्थ्य की जांच की। शुगर के 50 टेस्ट किए गए तथा 70 व्यक्तियों के बीपी की जांच की गई। इसके अलावा निशुल्क दवाईयां भी प्रदान की गई। वहीं आयुर्वेद विभाग ने जनमंच में 150 व्यक्तियों का स्वास्थ्य जांचा। जनमंच में छह प्रमाण पत्र भी जारी किए गए। दो प्रमाण पत्र आय से संबंधित रहे, दो कृषक प्रमाण पत्र तथा दो हिमाचली प्रमाण पत्र बनाए गए।
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