विपक्ष की जुबान में राहुल का तूफान
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपने पहले ही भाषण में अहम मुद्दों पर घेरी केंद्र सरकार
लोकसभा में विपक्ष के नेता बनने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सदन में 90 मिनट के अपने पहले भाषण में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में हर वर्ग एवं व्यक्ति को डराते हैं, जबकि कांग्रेस का निशान भगवान शिव, इस्लाम, गुरु नानक, महात्मा बुद्ध, महावीर की ‘अभय मुद्रा’ ह,ै जो देश में सत्य, अङ्क्षहसा और निर्भयता फैला रहा है। राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा में विपक्ष की अगवाई करते हुए राहुल गांधी ने डेढ़ घंटे से अधिक के भाषण में भारतीय जनता पार्टी पर तीखे प्रहार किए और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग, बेरो•ागारी, महंगाई, अग्निवीर, मणिपुर हिंसा, नीट, किसान आंदोलन आदि मुद्दों पर सरकार को घेरा और स्वयं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला पर भी कटाक्ष किए। राहुल गांधी के भाषण के दौरान दो बार प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप करना पड़ा, जबकि गृह मंत्री अमित शाह ने तीन बार और रक्षा मंत्री राजनाथ ङ्क्षसह एवं कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान को एक-एक बार हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान लोकसभा की दर्शक दीर्घा में कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी बैठीं थीं। उन्होंने भगवान शंकर, गुरु नानक देव, महात्मा बुद्ध, महावीर, इस्लाम में इबादत के हाथों की तस्वीरें दिखाईं और भाजपा पर ङ्क्षहसा एवं नफरत फैलाने का आरोप लगाया, लेकिन एक बयान से स्वयं राहुल गांधी को भी सदन का रोष झेलना पड़ा, जब उन्होंने कहा कि जो खुद को हिंदू कहते हैं, वे हिंसा और नफरत फैला रहे हैं। श्री गांधी के इस बयान के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों के हंगामे के बीच स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उठ खड़े हुए और उन्होंने कहा कि पूरे हिंदू समाज को ङ्क्षहसक एवं नफरत फैलाने वाला कहना ‘गंभीर विषय’ है। सत्ता पक्ष के लोगों ने नियमों का हवाला देते हुए राहुल गांधी से कहा कि उन्होंने पूरे हिंदू समाज को ङ्क्षहसक कहा है, इसलिए उन्हें पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।
राहुल ने शोर-शराबे के बीच तेज आवाज में कहा कि नरेंद्र मोदी जी पूरा हिंदू समाज नहीं है। भाजपा पूरा हिंदू समाज नहीं है। आरएसएस पूरा हिंदू समाज नहीं है। यह ठेका नहीं है भाजपा का। ये लोग अपने आपको हिंदू कहते हैं, वे चौबीसों घंटे हिंसा-हिंसा-हिंसा, नफरत-नफरत-नफरत करते हैं। आप हिंदू हो ही नहीं। हिंदू धर्म में साफ लिखा है, सच का साथ देना चाहिए। इसके बाद राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया कि उसने अग्निवीर योजना लाकर देश की सीमाओं को खतरे में डाल दिया है और देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ ङ्क्षसह ने उनके आरापों को गलत बताया। कृषि नीति को लेकर उन्होंने सरकार पर तीखा हमला किया और कहा कि किसानों को सडक़ों पर लाने का काम भाजपा सरकार ने किया है। इस सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) किसानों को नहीं दिया, जिसके कारण किसानों को आंदोलन करना पड़ा। किसानों के लिए काले कानून बनाए, जिसका जबरदस्त विरोध हुआ, तो दबाव में यह कानून वापस लेना पड़ा। इस पर कृषि मंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान एमएसपी को लेकर श्री गांधी के आरोपों को खारिज किया और कहा कि वह गलत बोल रहे हैं। किसानों को एमएसपी दिया जा रहा है जबकि श्री गांधी गलत दावा कर रहे हैं। उन्होंने अल्पसंख्यकों पर हमले का मुद्दा उठाया, तो सत्ता पक्ष की तरफ से हंगामा शुरू हो गया, जिस पर अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष के नेता को नियमों का पालन करना चाहिए। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि रोजगार तो आपने खत्म कर दिया। अब नया फैशन निकला है नीट। एक प्रोफेशनल स्कीम को आपने कॉमर्शियल स्कीम में तब्दील कर दिया।
गरीब मेडिकल कालेज नहीं जा सकता। पूरा का पूरा एग्जाम अमीर बच्चों के लिए बनाया है। हजारों करोड़ रुपए बन रहे हैं और कॉमर्शियल पेपर आपने जो बना रखे हैं, सात साल में 70 पेपर लीक हुए हैं। प्रेसिडेंट एड्रेस में न पेपर लीक की बात होगी न अग्निवीर की बात होगी। हमने एक दिन के डिस्कशन की मांग की, सरकार ने इनकार कर दिया। राहुल गांधी ने कहा कि देश की जनता ने आपको सत्ता दी है और आपको देश के किसानों तथा अन्य वर्गों की बात सुननी होगी। हम विपक्ष के सदस्य हैं और हमें दुश्मन की तरह नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आक्रामकता से नहीं, बल्कि मिलकर सदन को चलाया जा सकता है। गृह मंत्री अमित शाह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि नियम कहता है कि कोई सदस्य सदन में अपने भाषण के दौरान असत्य एवं तथ्यहीन बात करता है और उसके सत्यापन की मांग उठती है तो उसका सत्यापन कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष के नेता ने अपने भाषण में कई ऐसे तथ्य कहे है, जिसे सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने गलत बताया है। इसलिए सदन की कार्यवाही के नियमों के अनुसार सत्यापन कराया जाना चाहिए। इस पर अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि सत्यापन होगा।
राहुल गांधी ने भाजपा को दी चुनौती गुजरात में भी हम आपको हराएंगे
राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि आयकर विभाग, ईडी सब छोटे व्यापारियों के पीछे पड़े रहते हैं, जिससे अरबपतियों का रास्ता साफ हो। मैं गुजरात गया था। टेक्सटाइल इंडस्ट्री वालों ने बताया कि अरबपतियों का रास्ता साफ करने के लिए जीएसटी लाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार गुजरात में आपको हराएंगे। लिख के ले लो, आपको इस बार गुजरात में हराएंगे।

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