बस में नाबालिग लड़की के साथ यौन शोषण, विरोध किया तो मारे थप्पड़ ही थप्पड़, वीडियो हो रहा वायरल...


घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें बदमाश पीड़िता को थप्पड़ मारते और उसके बाल खींचते नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, घटना निघासन के पढुआ थाना क्षेत्र में हुई।
चौंकाने वाली बात यह है कि बस में सवार करीब 50 यात्री कथित तौर पर पीड़िता की मदद के लिए हस्तक्षेप किए बिना मारपीट होते देखते रहे। एक यात्री ने पूरी घटना को रिकॉर्ड कर लिया और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
बस चालक सलीम ने हिंदी अखबार दैनिक भास्कर को बताया कि घटना के वक्त वह देहरादून से लखीमपुर जा रहा था। सलीम ने बताया, "बस में एक लड़की बैठी थी जो लखीमपुर जा रही थी। बस में कुछ लड़के उसे परेशान कर रहे थे। जब उसने मुझे इस बारे में बताया तो मैंने लड़कों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे बहस करने लगे और मेरे साथ मारपीट करने लगे।"
सलीम ने बताया कि उसने बस को पढुआ थाने में रुकवाया और युवकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, उसका दावा है कि कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उन्हें सिर्फ समझाइश दी और भगा दिया। ड्राइवर ने बदमाशों पर 25,500 रुपये लूटने का भी आरोप लगाया है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया और सरकार की आलोचना की। यूपी कांग्रेस ने एक एक्स पोस्ट में कहा, "लखीमपुर खीरी में बदमाशों ने चलती बस में एक दलित नाबालिग लड़की को परेशान किया और जब उसने विरोध किया तो उसे बेरहमी से पीटा। बदमाशों का हौसला इतना बढ़ गया कि उन्होंने बीच-बचाव करने आए ड्राइवर और कंडक्टर को भी नहीं बख्शा और उन्हें भी बुरी तरह पीटा।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला करते हुए पोस्ट में आगे कहा गया, "बाबा जी के राज में सत्ता संरक्षित अपराधी हर दिन हमारी बहन-बेटियों की इज्जत तार-तार कर रहे हैं, लेकिन बाबा जी अपनी नाकामी को कैसे स्वीकार कर सकते हैं। ऐसी सरकार की सिर्फ निंदा होनी चाहिए!"
इसके बाद लखीमपुर खीरी पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि पढुआ थाने में उचित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन पर आरोप तय किए गए हैं तथा कानूनी कार्यवाही चल रही है।
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