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संभल जामा मस्जिद केस में कोर्ट के आदेश के बावजूद अनुज चौधरी और पुलिसवालों पर नहीं होगी FIR! आया बड़ा ट्विस्ट.

 


 Sambhal Jama Masjid Case: संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा को लेकर CJM यानी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने ASP अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर के अलावा 15 से 20 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया है. लेकिन अब इस मामले में एक नया मोड़ आ चुका है. संभल एसपी केके विश्नोई ने साफ कर दिया है कि पुलिसकर्मियों पर फिलहाल कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा. प्रशासन ने CJM के इस फैसले को चुनौती देने और हाईकोर्ट में अपील  करने की बात कही है. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या ASP अनुज चौधरी और 15 से 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होती है या नहीं. 

क्या है पूरा मामला?

संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में एक आलम नाम का युवक गोली लगने से बुरी तरह से घायल हो गया था.  इसे लेकर आसम के पिता यामीन ने संभल कोर्ट में याचिका दायर कर कोर्ट से पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. युवक के पिता यामीन का आरोप था कि जब उनका बेटा ठेला लेकर घर से निकला था तभी मौके पर मौजूद सीओ अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर और अन्य पुलिसकर्मियों ने जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान वह बुरी तरह घायल हो गया था. इसी मामले में CJM संभल ने पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था.

ASP अनुज चौधरी पर नहीं होगी FIR

अदालत के आदेश के बाद संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मौखिक रूप से जानकारी दी है कि एएसपी अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ फिलहाल एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी. एसपी ने कहा कि इस आदेश के खिलाफ अदालत में अपील की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि संभल हिंसा मामले में पहले ही न्यायिक जांच (ज्यूडिशल इंक्वायरी) हो चुकी है और जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ आदेश दिया गया है, उनकी जांच पूरी की जा चुकी है.

कौन हैं ASP अनुज चौधरी?

अनुज चौधरी का जन्म मुजफ्फरनगर जिले के बधेरी गांव में 5 अगस्त 1980 को हुआ था. खुद की और परिवार की रुचि के कारण दिल्ली के प्रतिष्ठित गुरु हनुमान अखाड़े में उन्होंने प्रशिक्षण लिया था. अनुज चौधरी ने राष्ट्रीय खेलों में कई बार स्वर्ण पदक जीता. इसी के साथ अखिल भारतीय पुलिस खेलो में भी स्वर्ण पदक जीता था. इसी बीच साल 2001 में उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा अनुज चौधरी को लक्ष्मण पुरस्कार दिया गया था, जबकि साल 2005 में अनुज चौधरी को भारत सरकार के द्वारा अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. इसी के साथ साल 2016 में यश भारती सम्मान और वर्ष 2010 में मान्यवर काशीराम पुरस्कार भी अनुज चौधरी को मिल चुका है. 

अनुज चौधरी साल 2000 में यूपी पुलिस में खेल कोटे से सब इंस्पेक्टर पद पर भर्ती हुए थे. इसके बाद साल 2003 में उन्हें इंस्पेक्टर बनाया गया था और फिर वर्ष 2012 में अनुज चौधरी को प्रमोट करते हुए सीओ बनाया गया था. 13 साल तक सीओ रहने के बाद अब अनुज चौधरी ASP बन गए हैं. फिलहाल वह बतौर ASP फिरोजाबाद की कमान संभाल रहे हैं.

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