शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज होते ही सामने आए रमाशंकर दीक्षित ने ये कहकर पूरा केस ही पलट दिया, बताया क्या हुई थी साजिश
Big Twist In Avimukteshwarananda Case: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का नाम बीते कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. रविवार को अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद समेते 2 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रयागराज के झूसी में पॉक्सो एक्ट के मामले में FIR दर्ज हुई. हालांकि अविमुक्तेश्वरानंद ने इन सभी आरोपों को एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा बताया था. अब इस मामले में एक और दिलचस्प मोड़ आ गया है. अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ जिस शख्स का नाम लेकर शिकायत दर्ज की गई थी अब वह खुद सामने आ गया है. इस शख्स का नाम रमाशंकर दीक्षित है जिसने अविमुक्तेश्वरानंद के सामने आकर एक ऐसा दावा किया है जिसने हर किसी को चौंका दिया है. रमाशंकर दीक्षित ने आशुतोष महाराज पर आरोप लगाया है कि उनके प्रलोभन में आकर उसने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ ये सभी आरोप लगाए हैं. फिलहाल इस नए खुलासे ने प्रयागराज में दर्ज पॉक्सो केस की सत्यता पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं.
कौन हैं रमाशंकर दीक्षित जिन्होंने पूरा केस ही पलट दिया
शाहजहांपुर के रहने वाले रमाशंकर दीक्षित का कहना है कि 18 मार्च के दिन वह अपने घर में थे. इस दौरान कुछ लोग उनके घर आए और उनके पिता दंडीस्वामी आत्मानंद का नाम लेकर हालचाल जानने की कोशिश की. आरोप है कि इस बीच उन लोगों ने रमाशंकर दीक्षित से कहा कि मेरी बात मानोगे तो आर्थिक मदद करेंगे. इसके बाद व्हाट्सएप कॉल के जरिए इनकी बात आशुतोष महाराज से कराई गई. रमाशंकर का कहना है कि वह पहले भी आशुतोष महाराज से मिल चुके हैं. इसलिए वह उनकी आवाज पहचान गए. आरोप है कि इस दौरान आशुतोष पांडेय ने कहा कि 'आप अपनी बेटियों को लेकर ये आरोप अविमुक्तेश्वरानंद और उनके लोगों पर लगाओं कि उनके वाराणसी आश्रम में तुम्हारी बेटियों के साथ सेक्सुअल हैरेसमेंट हुआ है.'
रमाशंकर दीक्षित के आरोप के मुताबकि इस दौरान उनसे फोन पर कहा कि 'तुम बस एक हलफनामे पर साइन कर दो तुम्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी. जब मैंने मना किया तो आशुतोष पांडेय ने धमकी दी कि मैं वही आशुतोष पांडेय हूं मेरे पास और भी रास्ते हैं अपना ध्यान रखना.' रमाशंकर ने आगे बताया कि जब उन्होंने बीते 2-3 दिनों से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बारे में देखा तो वह घबरा गए. उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि उनके नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है. ऐसे में वह खुद अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने उनके आश्रम आ गए. अपनी पत्नी और बेटियों के साथ आश्रम पहुंचे रमाशंकर डरे हुए हैं. उन्होंने अपनी सुरक्षा पर भी चिंता जाहिर की और आगे की कार्रवाई के लिए विचार करने की बात बताई.
गौ-रक्षा की आवाज दबाने की साजिश?
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इसे अपने खिलाफ एक बहुत बड़ा पॉलिटिकल और धार्मिक षड्यंत्र करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह सब इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वे गौ-हत्या के खिलाफ मजबूती से आवाज उठा रहे हैं.उन्होंने कहा कि 'अगर मेरे खिलाफ कोई सीडी है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता?'शंकराचार्य ने इस दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान का खुलकर समर्थन किया जिसमें उन्होंने कहा था 'भाजपा हटाओ, सनातन बचाओ.' स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 'आज सनातन धर्म की सबसे बड़ी दुश्मन भाजपा ही बनी हुई है.खासकर योगी आदित्यनाथ. अखिलेश यादव बिल्कुल सही कह रहे हैं.'
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