HP News: एयरपोर्ट विस्थापितों को बसाएगी सरकार, प्रशासन ने कसी कमर, सात सौ करोड़ से संवरेगा प्रभावितों का कल

कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार की महत्त्वाकांक्षी पटकथा अब अपने सबसे संवेदनशील और महत्त्वपूर्ण अध्याय में प्रवेश कर चुकी है। जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण (लैंड एकोजीशन) के मोर्चे पर बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अधिकतर मामलों का निपटारा कर लिया है।
अब पूरा फोकस राहत एवं पुनर्वास (रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन-आर एंड आर) पर शिफ्ट हो गया है, जिसके लिए प्रशासन को 700 करोड़ के भारी-भरकम बजट की दरकार है। इस राशि का सीधा उद्देश्य उन परिवारों को सुरक्षित भविष्य देना है, जो विकास की इस राह में अपनी जमीनें दे रहे हैं। सरकार ने इस प्रोजेक्ट को पंख देने के लिए भूमि अधिग्रहण मद में इसी सप्ताह करीब 500 करोड़ की अतिरिक्त राशि जारी कर अंतिम दो मुहाल के प्रभावितों को भी धनराशी जारी कर दी है।
जिला प्रशासन ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि आने वाले दिनों में इक्का दुका प्रभावित जो अपने निजी केस के कारण सहमति नहीं दे पाए उनके केस भी हल कर मुआवजा राशि दे दी जाएगी। प्रशासन का दावा है कि इस नई किस्त के साथ अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में पहुंच गई है, जिसके बाद केवल पुनर्वास की चुनौती शेष रहेगी।
एयरपोर्ट विस्तार की इस वृहद योजना पर कुल 3,200 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। बजट का एक बड़ा हिस्सा, यानी 2,500 करोड़ भूमि अधिग्रहण के लिए तय किया है, जबकि 700 करोड़ की विशेष राशि केवल राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए आबंटित की गई है। राहत एवं पुनर्वास का यह कार्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि हिमाचल के सुनहरे भविष्य की नींव है।
आर एंड आर प्रकिया के बाद शुरू होगा अगला काम
उपायुक्त हेमराज बैरवा के अनुसार, पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है और अब प्राथमिकता पुनर्वास योजना को धरातल पर उतारने की है। भूमि अधिग्रहण व आर एंड आर (रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन)की प्रक्रिया पूरी होते ही, एयरपोर्ट का अगला कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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