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मासूम की हत्या कर ‘लेडी किलर’ ने पार की हैवानियत की हद…बुजुर्ग को जिंदा जलाया-बच्ची का रेता गला, 18 बार लगाई आग…

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। हीरापट्टी गांव की रहने वाली शिल्पी कुमारी को पुलिस ने एक चार साल की मासूम बच्ची की निर्मम हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि यह उसका पहला अपराध नहीं था, बल्कि इससे पहले भी वह एक बुजुर्ग की हत्या कर चुकी थी, जिसे उस समय हादसा मान लिया गया था।

घटना 20 मार्च की है, जब दीपक यादव की चार वर्षीय बेटी अंशिका कुमारी घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक लापता हो गई। परिजनों ने काफी तलाश के बाद पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। दो दिन बाद, 22 मार्च को बच्ची का शव गांव के एक खेत से बरामद हुआ। शव की हालत देखकर हर कोई सन्न रह गया, क्योंकि उसका गला रेतकर हत्या की गई थी।

जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग तब मिला, जब बच्ची के गायब होने के बाद एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई। तकनीकी जांच में पता चला कि यह क्लिप गांव के ही एक मोबाइल नंबर से भेजी गई थी। इसी कड़ी में पुलिस शिल्पी तक पहुंची। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पूछताछ के दौरान शिल्पी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि उसका गांव के ही एक युवक से प्रेम संबंध था और उसे शक था कि बच्ची की मां इस रिश्ते में बाधा बन रही है। इसी वजह से उसने अंशिका को बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाया, उससे कुछ बातें रिकॉर्ड कीं और फिर चाकू से उसका गला रेत दिया।

इतना ही नहीं, शिल्पी ने यह भी कबूल किया कि वह इससे पहले अपने प्रेमी के दादा को पेट्रोल डालकर जिंदा जला चुकी थी। उस समय परिवार ने इसे हादसा मानकर मामला दर्ज नहीं कराया था। इसके अलावा वह गुस्से में गांव के अलग-अलग स्थानों पर कई बार आगजनी भी कर चुकी थी।

पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद शिल्पी ने शव को पहले अपने घर में छिपाया और बाद में शक से बचने के लिए खेत में फेंक दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया।

पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू, खून से सने कपड़े और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। यह घटना न सिर्फ अपराध की भयावहता को दर्शाती है, बल्कि समाज में छिपी खतरनाक मानसिकता की ओर भी इशारा करती है।

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